लखनऊ। सफाई कर्मचारियों की तैनाती में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। इस कारण जोनल सिनेटरी अधिकारी महापौर को भी इनकी सूची और हाजिरी रजिस्टर नहीं दे रहे हैं।
शुक्रवार को समीक्षा बैठक में महापौर ने इसकी जानकारी मांगी तो आठों जोनल सिनेटरी अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। इससे नाराज महापौर ने इनका दो दिन का वेतन काटने का निर्देश नगर आयुक्त को दे दिया।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि 33 वार्डों में सफाई का काम करने वाली कंपनी लॉयन इनवायरो के काम-काज की समीक्षा की गई। इसमें अनुबंध के मुताबिक वाहनों की संख्या न होने पर इन्हें बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए गाड़ियां बढ़ाई जाएं।
महापौर ने कंपनी की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए सख्त चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। कंपनी को आदेश किया कि वह जल्द ट्रांसफर स्टेशन बनाए और सफाईकर्मियों को ड्रेस उपलब्ध कराए। महापौर ने यह निर्देश भी दिए कि जोनल सिनेटरी अधिकारी और सफाई एवं खाद निरीक्षक सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिवरी प्लांट में कूड़ा पहुंचने तक फील्ड में रहेंगे अफसर
बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुबह से लेकर शिवरी प्लांट तक कूड़ा पहुंचने तक वे फील्ड में रहकर निगरानी करें। कंट्रोल रूम में आने वाली सभी शिकायतों को समय से दूर करें।