लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन आने वाली 24 बोगियों तक वाली ट्रेनों को अब आउटर पर रुकने के संकट से मुक्ति मिल जाएगी। प्लेटफॉर्मों की लंबाई बढ़ाई जाएगी, जिससे ट्रेनें आसानी से स्टेशन पहुंचेंगी। इससे यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में आसानी हो जाएगी। वहीं, पार्सल की लोडिंग-अनलोडिंग में भी दिक्कतें नहीं होंगी।
रेलवे अधिकारी बताते हैं कि प्लेटफॉर्मों की लंबाई कम होने पर फुल रैक यानी 22 से 24 बोगियों वाली ट्रेनें फिट नहीं हो पाती हैं। इससे कुछ बोगियां प्लेटफॉर्म के बाहर रह जाती है, जिससे यात्रियों को बोगियों से उतरने व उनमें चढ़ने में दिक्कतें होती हैं। इतना ही नहीं, पार्सलयान प्लेटफाॅर्म के बाहर होने पर कई बार बगैर पार्सल अनलोड किए ही ट्रेन रवाना हो जाती है। ऐसे में रेलवे ने पहले चरण में उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के 52 स्टेशनों के 146 प्लेटफॉर्मों की लंबाई बढ़ाने की योजना बनाई है। इन पर करीब 198 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बजट में इसके लिए जोनवार प्रावधान किया गया है। अप्रैल के अंत से काम शुरू कर दिया जाएगा।
आउटर पर रुकने का झंझट भी होगा खत्म
रेलवे अधिकारी बताते हैं कि चारबाग स्टेशन पर दो, तीन, चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्मों की लंबाई बढ़ाई जाएगी। अभी तक प्लेटफॉर्म नंबर एक की लंबाई ही सर्वाधिक है, जिससे फुल रैक की ट्रेनें यहां आती हैं।
फुल रैक से चलानी हैं ट्रेनें
रेलवे बोर्ड ने उत्तर, पूर्वोत्तर सहित सभी रेलवे जोनों को निर्देशित किया है कि जिन ट्रेनों को कम बोगियों के साथ चलाया जा रहा है, उन्हें फुल रैक के साथ चलाया जाए। मसलन, जिन ट्रेनों में 15 से 18 बोगियां लगाई गई हैं, उनमें बोगियों की संख्या 22 से 24 कर दी जाए। फुल रैक होने पर ट्रेनों के लिए प्लेटफार्मों की लंबाई बढ़ाना मजबूरी भी है।
तीन से पांच सौ मीटर तक बढ़ेगी लंबाई
प्लेटफार्मों की लंबाई बढ़ाने के लिए सर्वे भी कराया गया है। इसमें यह बात सामने आई है कि ज्यादातर प्लेटफार्मों की लंबाई तीन से पांच सौ मीटर तक बढ़ाई जाएगी। इससे उनकी लंबाई 12 से 15 सौ मीटर तक हो जाएगी।
प्रतीकात्मक।