लखनऊ। बांग्लादेशी हसन शेख आठ वर्ष पहले घुसपैठ करके भारत आया था। फिर उसने कुछ माह पश्चिम बंगाल, मुंबई फिर दिल्ली में अपना ठिकाना बनाया। दिल्ली में गिरफ्तार होने के बाद वह लखनऊ आ गया। पिछले आठ माह से वह साथी उमर शेख के साथ दुबग्गा सब्जी मंडी के पास रह रहा था। हैरत की बात यह है कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक नहीं लगी।
किरायेदारी के सत्यापन के डर से फुटपाथ पर रहता था
इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी इतना शातिर था कि उसे किरायेदारी के सत्यापन व अन्य बातों की जानकारी थी। वह पकड़ में न आ सके इसलिए उसने आठ माह में कभी भी कोई मकान किराये पर नहीं लिया। वह किरायेदारी के सत्यापन के समय पकड़ में आने के डर से साथी के साथ सब्जी मंडी के पास फुटपाथ पर ही रहता था। वह साथी के साथ अंडे का ठेला लगाने की आड़ में टप्पेबाजी करता था।
पुलिस को बातों में घुमाता रहा
हसन इतना शातिर था कि वह पूछताछ में वजीरगंज पुलिस को अपनी बातों में उलझाता रहा। इंस्पेक्टर ने बताया कि हसन और उमर से खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। दोनों की गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही बीते आठ वर्षों में आरोपी किन-किन लोगों से मिले इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मोबाइल में मिलीं संदिग्ध चीजें
हसन ने ठगी के लिए गुल्लू से दो मोबाइल नंबरों से संपर्क किया था। खुफिया एजेंसियों को मोबाइलों में कुछ संदिग्ध चीजें और कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली हैं। इनके मोबाइलों को फोरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा, ताकि इस बात का भी पता चला सके कि इन्होंने अब तक किन लोगों से बात की है।
पश्चिम बंगाल, मुंबई और दिल्ली पुलिस से किया जाएगा संपर्क
इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस टीम व एजेंसियां पश्चिम बंगाल, मुंबई और दिल्ली पुलिस से भी संपर्क करेगी। वहां के थानों में उनका आपराधिक इतिहास के बारे में भी पता लगाएंगी। साथी ही इस बात की तफ्तीश की जाएगी कि क्या हसन ने भारत में घुसपैठ अकेले की थी या उसके साथ और भी कोई आया था।