लखनऊ। केजीएमयू के परियोडोंटोलॉजी विभाग की ओर से डेंटल रिसर्च और इनोवेशन में जेनेटिक्स की वर्तमान स्थिति पर सोमवार को कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सीडीआरआई के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. श्रीकंत कुमार रथ ने कहा कि आधुनिक जांच से दांत की समस्याओं का बेहतर उपचार संभव है। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के डेंटल डीन डॉ. शालीन चंद्रा ने बताया कि एआई डेंटल साइंस के क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रहा है। शोध व इलाज में भी इसकी उपयोगिता बढ़ी है। केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद, डॉ. नीतू निगम व डॉ. विमला वेंकटेश ने उपचार एवं जांच की नई तकनीक साझा की।