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Lucknow News: स्वास्थ्य विभाग को खोजे नहीं मिले रहे जिले में झोलाछाप

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प्रतीकात्मक।
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लखनऊ। शासन ने जिले में अवैध क्लीनिकों और बिना डिग्री के इलाज कर रहे झोलाछाप पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग जमीनी स्तर पर झोलाछाप नहीं ढूंढ पा रहा है। विभाग केवल निजी पंजीकृत अस्पतालों पर छापा मारकर कोरम पूरा करने में लगा है।
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आईएमए के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर झोलाछाप पर कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद शासन ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिले में 200 से अधिक झोलाछाप होने का अनुमान है। ये डॉक्टर हर गली-मोहल्ले, कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम क्लीनिक चला रहे हैं। बिना किसी मेडिकल डिग्री के वे मरीजों को इंजेक्शन, ग्लूकोज और एंटीबायोटिक दवाएं दे रहे हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से झोलाछाप फल-फूल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम जब छापा मारने के लिए निकलती है, तब वे बड़े निजी अस्पतालों या रजिस्टर्ड नर्सिंग होम के कागज जांचते हैं। उसके पास अभी तक की गई कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। अब शासन के आदेश के बाद सीएमओ ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि सभी सीएचसी प्रभारियों को पत्र भेजा गया है। उन्हें अपने-अपने इलाकों में झोलाछाप पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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पिछली कार्रवाई की स्थिति
छह माह पहले, सीएमओ कार्यालय के डॉ. संदीप सिंह ने काकोरी में छह निजी क्लीनिकों पर छापा मारा था। इस दौरान कई झोलाछाप शटर बंद कर भाग गए थे। विभाग ने उन्हें नोटिस जारी किया और कागजी कार्रवाई पूरी की। हालांकि, बाद में सांठगांठ से नाम बदलकर उन क्लीनिकों का संचालन फिर शुरू हो गया।
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