सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, माध्यमिक शैक्षिक संस्थाओं, माध्यमिक संस्कृत शैक्षिक संस्थाओं, सहायता प्राप्त जूनियर स्कूलों, जूनियर हाई स्कूलों और बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों और शिक्षणेतर कर्मचारियों की सेवा संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण का गठन किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 को विधानसभा में प्रस्तुत किया।
अधिकरण का मुख्यालय लखनऊ में होगा। जबकि प्रयागराज में इसकी शाखा होगी। अधिकरण में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष (न्यायिक), एक उपाध्यक्ष (प्रशासनिक), प्रत्येक श्रेणी में तीन न्यायिक व तीन प्रशासनिक सदस्य नियुक्त किए जाएंगे। अधिकरण सप्ताह में तीन दिन लखनऊ और दो दिन प्रयागराज में काम करेगा। अधिकरण के अध्यक्ष की ओर से दिन और स्थान तय कर कार्यवाही संचालित की जाएगी।