श्रावस्ती। तराई में सूरज की तपिश बृहस्पतिवार को भी बरकरार रही। जिले का पारा 39 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। ऐसे में जहां लोगों का घरों से निकलना दूभर रहा। वहीं, निकले उन्हें गर्म हवाओं की तपिश का सामना करना पड़ा। इन सबसे बेपरवाह किसान गेहूं की फसल की कटाई व मड़ाई में जुटे हैं।
जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह से गर्म हो चुका है। सुबह निकलने वाली सूरज की किरणें दस बजे से ही आग उगलने लगती हैं। जिले के जंगल सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बने ज्यादातर तालाब व पहाड़ी नालों का पानी लगभग सूख चुका है। राप्ती नदी को छोड़ शेष नहर व माइनर भी सूखे पड़े हैं। ऐसे में लोगों का काम तो किसी प्रकार चल रहा है, लेकिन पशु-पक्षियों के सामने पेयजल संकट गहराने लगा है। गर्मी व प्यास से बेहाल जंगली जीव पानी की तलाश में आबादी की ओर पलायन करने को विवश हो रहे हैं।
वहीहं, भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के ज्यादातर प्रमुख स्थलों पर लगे हैंडपंप खराब हैं। ऐसे में भीषण गर्मी में लोगों को बोतल के पानी का सहारा लेना पड़ रहा है।