फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: नक्शे के हिसाब से पार्किंग नहीं बनी तो जब्त होगी गारंटी फीस

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। बेसमेंट में पार्किंग दिखाकर नक्शा पास करा लेने के बाद वहां पर दुकानें, रेस्टोरेंट बनाना या अन्य कोई व्यावसायिक इस्तेमाल करना अब आसान नहीं होगा। नई व्यवस्था के तहत नक्शा पास कराते समय एलडीए आवेदक से गारंटी फीस जमा करा रहा है। यह धनराशि पार्किंग बनने और उसका उपयोग शुरू होने पर वापस की जाएगी। अन्यथा जब्त कर ली जाएगी।
विज्ञापन


नई व्यवस्था के तहत एलडीए नक्शा पास कराने वाले आवेदकों से अभी तक आठ करोड़ रुपये गारंटी के तौर पर जमा करा चुका है। जब्त धनराशि को शहर में नई पार्किंग बनाने पर खर्च करने की योजना है। एक महीने पहले दिल्ली के होटल में हुए अग्निकांड के बाद शहर में होटलों तथा कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की जांच कराई गई थी। जांच में कई ऐसे बड़े कॉम्प्लेक्स सामने आए जिनमें नक्शा तो बेसमेंट को पार्किंग बताकर पास कराया गया था लेकिन मौके व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। कहीं रेस्टोरेंट चल रहा था तो कहीं अन्य प्रकार की दुकानें। कुछ जगह लॉन्ड्री, बैंक्वेट हॉल, किचन तक संचालित मिला।


अलीगंज में केंद्रीय भवन के पास भी एक मकान को तोड़कर बनाए गए कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में पार्किंग की जगह रेस्टोरेंट चलाया जा रहा है। यही हाल अलीगंज सेक्टर-के में पप्पू स्टोर वाली बिल्डिंग का है। यहां बेसमेंट में पार्किंग की जगह होटल चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों को देखते हुए एलडीए ने मानचित्र पास करने की व्यवस्था में बदलाव किया है। अब कॉमर्शियल बिल्डिंगों का नक्शा तभी पास किया जाएगा जब बिल्डिंग मालिक पार्किंग निर्माण के एवज में गारंटी फीस जमा करेगा। यह फीस एलडीए तब वापस करेगा जब बिल्डिंग बनने के बाद मौके पर पार्किंग निर्माण और उसके इस्तेमाल की पुष्टि हो जाएगी। ऐसा नहीं करने पर गारंटी फीस जब्त की जाएगी।
विज्ञापन


शमन मानचित्र पास कराने के लिए नोटिस
पहले दिल्ली के होटल और फिर अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए ने शहर में अवैध बिल्डिंगों के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान 150 बिल्डिंगों को सील किया गया। नक्शे के विपरीत निर्माण और पार्किंग एरिया के दुरुपयोग के मामलों में एलडीए ने भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर शमन कराने का मौका दिया है। यदि ये शमन मानचित्र पास कराकर पार्किंग का इंतजाम कर लेंगे तो इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। नहीं तो अवैध कब्जा हटाया जाएगा।


कई मानकों पर तय हो रही गारंटी फीस
एलडीए अधिकारियों के अनुसार, गारंटी फीस निर्धारित करने के लिए कई मानकों को ध्यान में रखते हुए गणना तैयार की जा रही है। इसमें जमीन का क्षेत्रफल, भवन की कुल ऊंचाई, उसके अनुपात में पार्किंग के लिए छोड़ी जा रही जगह, इलाका, संपर्क मार्ग की चौड़ाई आदि को ध्यान में रखा जा रहा है। अभी तक किसी एक नक्शे के लिए न्यूनतम गारंटी फीस चार लाख रुपये ली गई है।

0000
जो भवन स्वामी पार्किंग का गलत उपयोग करेंगे तो उनकी गारंटी फीस जब्त कर ली जाएगा और भवन निर्माण उपविधि के तहत अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी। जो धनराशि जब्त होगी, उसको नई पार्किंग बनाने पर खर्च किया जाएगा। शहर में गोमतीनगर सहित कई जगह पर पांच मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की तैयारी भी है।
विज्ञापन

- प्रथमेश कुमार, उपाध्यक्ष, एलडीए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें