अलीगंज की एक युवती ने आंबेडकर नगर के शशांक यादव पर प्रेमजाल में फंसाकर शोषण करने और ब्लैकमेल कर रकम ऐंठने का आरोप लगाया है।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी शशांक मुजफ्फरनगर में एक टोल प्लाजा पर सुपरवाइजर है। सोशल मीडिया के जरिए उससे दोस्ती हुई थी।
उसने धोखे से उसके फोटो खींच लिए और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रहा था। दस दिन थाने के चक्कर काटने के बाद जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो एडीसीपी से गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
अलीगंज के अहिबरनपुर इलाके में रहने वाली एक युवती को 2019 में सोशल मीडिया पर एक लड़की के नाम से चल रही फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी।
बाद में मालूम हुआ कि वह जिससे बात कर रही है वह लड़का है। पीड़िता की मां की मानें तो आरोपी शशांक यादव ने 2020 में उसकी बेटी को मिलने के लिए बुलाया था।
बेटी बहाना बनाकर मुजफ्फरनगर गई थी, जहां चोरी-छिपे आरोपी युवक ने उसकी अश्लील फोटो व वीडियो बना लिया। बेटी के घर पहुंचने के एक महीना बाद शशांक ने फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 70 हजार रुपये ऐंठे।
युवती के नाम से बनाई है आईडी
पीड़िता के अनुसार, शशांक ने उसके नाम से फेसबुक पर फेक आईडी बनाई है। इसमें पीड़िता का ही फोटो लगाया है। उसके नाम से आईडी देखते ही स्कूल के दोस्त और परिवार के लोग जुड़ गए। अब शशांक बदनाम करने की धमकी देता है। इसके कारण पीड़िता काफी डिप्रेशन में है।
अधिकारी की फटकार के बाद केस हुआ दर्ज
पीड़िता की मां ने बताया कि 10 दिन से अलीगंज थाने के चक्कर लगाने के बाद शुक्रवार सुबह महानगर एडीसीपी उत्तरी के कार्यालय पर शिकायत लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अधिकारी के आदेश के बाद भी शाम तक उन्हें थाने पर बैठाए रखा गया। वहीं, अलीगंज इंस्पेक्टर पन्नेलाल यादव का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।