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आरोपियों के साथ बिटिया के परिजनों का भी होगा नार्को टेस्ट, एसपी-डीएसपी समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित

Sat, 03 Oct 2020 04:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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हाथरस कांड - फोटो : अमर उजाला
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हाथरस कांड में एक्शन में आई योगी सरकार ने शुक्रवार शाम को वहां के पुलिस अधीक्षक, उपाधीक्षक, इंसपेक्टर व दो अन्य पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह आदेश एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद दिए। अभी तक शामली के कप्तान विनीत जायसवाल को हाथरस का नया एसपी बनाया गया है।

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मुख्यमंत्री ने इस मामले में पीड़ित परिवार, आरोपी पक्ष व संबंधित पुलिस कर्मियों का पालीग्राफ व नार्को टेस्ट भी कराने का भी आदेश दिए हैं। निलंबित किए जाने वालों में जिले के कप्तान विक्रांत वीर, क्षेत्राधिकारी रामशब्द, इन्सपेक्टर दिनेश कुमार वर्मा, वरिष्ठ उप निरीक्षक जगवीर सिंह व हेड मोहर्रिर महेश पाल शामिल हैं।

इस मामले में हालांकि हाथरस के जिलाधिकारी व कुछ अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होने का अंदेशा जताया जा रहा था पर राज्य सरकार ने इस बाबत अभी कोई फैसला नहीं किया है।
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चूंकि पीड़ित पक्ष, आरोपियों और पुलिसकर्मियों के इस मामले में परस्पर विरोधी बयान हैं और एसआईटी ने इस मुद्दे को भी अपनी जांच रिपोर्ट में उठाया है लिहाजा सच्चाई तक पहुंचने के लिए इन सभी के पालीग्राफ व नार्को टेस्ट कराए जाने केआदेश दिए गए हैं।

यह पहली बार है जब मामले की तह तक पहुंचे का लिए इस तरह के परीक्षण कराने का फैसला किया गया। इससे यह तय हो सकेगा कि कौन सच बोल रहा है। परीक्षण की कार्रवाई उच्च अधिकारियों की निगरानी में कराई जाएगी।

आपको बता दें कि हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र की अनुसूचित जाति की बिटिया के दुष्कर्म व हत्या के आरोप में जेल भेजे गए युवकों के समर्थन में शुक्रवार को सवर्ण समाज का आक्रोश सामने आ गया। धनीपुर मंडी के पास सवर्ण समाज के लोगों ने हाथरस के भाजपा सांसद राजवीर दिलेर का पुतला फूंका। उन पर जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि हाथरस सांसद का मुद्दा बिटिया को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि सवर्ण समाज को बदनाम करना है। इस दौरान हाथरस सांसद मुर्दाबाद के नारे भी लगे। प्रदर्शन करने वालों ने कहा कि युवकों को गलत फंसाया जा रहा है। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
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