लखनऊ। गोमती किनारे लक्ष्मण मेला घाट पर रंग-बिरंगी सुशोभिताएं जगमग रोशनी में और भी खूबसूरत लग रही थीं। ढोलक की थाप और मंजीरे-झींके की झंकार के बीच गाए जा रहे भोजपुरी गीत कानों में मिठास घोल रहे थे। अन्न धन से भरल रहे घरवा दूआरवा... जैसे गीत गूंज रहे थे। चारों ओर छठ के उल्लास में डूबा घाट श्रद्धालुओं की आमद से शनिवार शाम गुलजार था।
नहाय खाय के साथ महापर्व की धूमधाम से शुरुआत हुई। स्नान के साथ महिलाओं से सूर्यदेव को नमन किया। कुड़ियाघाट, संझियाघाट और गऊघाट समेत अन्य घाटों पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। रविवार को खरना है। व्रती महिलाएं शाम को गुड़ की खीर का भोग लगाएंगी।
गोमती घाटों पर शनिवार को मेले जैसे माहौल नजर आया। गोधूलि की बेला में पूर्वांचल और मिथिलांचल की छटा अपने उत्कर्ष पर थी। कुछ महिलाएं गेरू और रंग से अपने परिजनों के साथ सुशोभिता तैयार करने में जुटी थीं। जो लोग भीड़ की वजह से घाट पर नहीं जा सकते, उन्होंने घरों, मोहल्लों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर कुंड बनाकर तैयारी को अंतिम रूप दिया।
जनकल्याण समितियों की ओर से भी शहर में जगह-जगह आयोजन किए जा रहे हैं। राजधानी में रहने वाले पूर्वांचल और मिथिलांचल के लोग अपनी परंपराओं के अनुसार छठ पूजा की तैयारी में जुटे रहे। शहर में 200 से अधिक स्थानों पर छठ पूजा की तैयारियां चल रही हैं। राजधानी में सात लाख से अधिक श्रद्धालु छठ पर्व मनाते हैं। रविवार को खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होगा।
माता सीता ने रखा था छठ मैया का व्रत
पौराणिक कथाओं के अनुसार, छठ मैया सूर्यदेव की बहन हैं। उन्हें प्रकृति की देवी कहा जाता है। मान्यता है कि रामायण काल में रावण का वध करके जब भगवान राम, लक्ष्मण व सीता के साथ अयोध्या लौटे थे तो माता सीता ने कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी पर व्रत रखकर कुल की सुख-शांति और मर्यादा के लिए व्रत रखकर छठ मैया और सूर्यदेव का पूजन किया था। महाभारत काल में द्रौपदी ने भी छठ मैया की पूजा कर व्रत रखा था। तभी से इस व्रत की परंपरा है।
कल शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देंगे अर्घ्य
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अखिल भारतीय भोजपुरी समाज की ओर से लक्ष्मण मेला घाट पर छठ पूजा के कार्यक्रम में सोमवार शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे। शनिवार शाम यहां आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने बताया कि मुख्यमंत्री ही कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस बार मुख्यमंत्री के लिए स्टेज तक अलग से मार्ग तैयार किया गया है। इस दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व केशव प्रसाद मौर्य के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही व अन्य मंत्री-विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को भोजपुरी गौरव सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। 27 अक्तूबर को दोपहर तीन बजे से सांस्कृतिक आयोजन शुरू हो जाएंगे। 18 घंटे तक लगातार कल्पना पटवारी, गोपाल राय, सुरेश शुक्ला, संतोष बनारसी, सुरेश कुशवाहा, एसपी चौहान, उमेश कनौजिया समेत करीब 200 कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।
छठ के उल्लास में डूबे गोमती के घाट
छठ के उल्लास में डूबे गोमती के घाट
छठ के उल्लास में डूबे गोमती के घाट
छठ के उल्लास में डूबे गोमती के घाट
छठ के उल्लास में डूबे गोमती के घाट
छठ के उल्लास में डूबे गोमती के घाट