लखनऊ। उर्दू अकादमी के सभागार में परवाज एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी और हाशमी फाउंडेशन की ओर से रविवार को आयोजित ऑल इंडिया मुशायरे में शायरों ने अपने कलाम से महफिल सजा दी। अध्यक्षता वासिफ फारूकी ने की, जबकि संचालन आसिम काकोरवी ने किया।
''अंदाज-ए-बयां और'' के संस्थापक रेहान सिद्दीकी और शाजिया किदवई को साहित्यिक सेवाओं के लिए ''सिपास-नामा'' से सम्मानित किया गया। सैयद बिलाल नूरानी, शेख राशिद अली मैनाई, पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू, अनीस राजा, सालिम काकोरवी और सैफ सईद खान को भी सम्मान मिला।
वासिफ फारूकी ने पढ़ा, ''यहां के दश्त भी गुलजार कर दिए हमने, वो बेवकूफ मुहाजिर समझ रहा है हमें।'' अज्म शाकिरी के शेर ''जिस वक्त मुसव्विर रोता है, तस्वीर मुकम्मल होती है'' पर खूब तालियां बजीं। अमीर इमाम, रुबीना अयाज, सलमान जफर, मोहन मुंतजिर, राशिद राहत, असर मिफ्ताही, गीता गीत, सत्यम रोशन और दावर रजा समेत अन्य शायरों ने भी कलाम सुनाकर वाहवाही लूटी।