लखनऊ। विविध सेवा संस्थान की ओर से मंगलवार को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के वाल्मीकि रंगशाला में प्रस्तुत नाटक द फाइनल शो ने समाज के उस अंधेरे पहलू को उजागर किया, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। नाटक की शुरुआत सर्कस के पांच जोकरों से होती है, जो हर हाल में लोगों का मनोरंजन करने की कोशिश करते हैं। चाहे उनके चेहरे के पीछे छुपा दर्द कितना ही गहरा क्यों न हो।
कहानी में सर्कस की एक मासूम बच्ची परी के साथ मालिक द्वारा किया गया घिनौना अपराध दर्शकों को भीतर तक झकझोर देता है। भूख और बेबसी से जूझते जोकर आखिर में अन्याय के खिलाफ खड़े होते हैं और अपनी परी के अपमान का बदला लेते हैं।
नाटक में मुख्य भूमिकाओं में साक्षी अवस्थी, अखिलेश वर्मा, योगेंद्र, आशुतोष आर्यन गौतम, आदित्य और अभय ने अपने अभिनय से कहानी को जीवंत कर दिया। विकास दुबे के लिखित और निर्देशित इस नाटक में अमन आर्य के संगीत और करमजीत कौर की वेशभूषा ने इसे और प्रभावशाली बना दिया।