लखनऊ। केजीएमयू से पकड़े गया फर्जी डॉक्टर हस्साम एक संगठित गिरोह चला रहा था। गिरोह का संचालन‘कार्डियो फाउंडेशन’ से हो रहा था। संस्था कुछ डॉक्टरों और अस्पतालों से की आर्थिक मदद से फलफूल रही थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हस्साम फंड के जरिये विशेषकर मुस्लिम इलाकों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करता था। वहीं, आय और बढ़ सके इसलिए गिरोह के कुछ दलाल मरीजों को उन्हीं अस्पतालों में भर्ती कराते थे, जो हस्साम का आर्थिक सहयोग करते थे। इस पूरे तंत्र के जरिए मरीजों को विशेष डॉक्टरों तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई गई थी।
मेरठ, गाजियाबाद व दो जिलों तक फैला था नेटवर्क
हस्साम का नेटवर्क गाजियाबाद, मेरठ और दो अन्य जिलों तक फैला हुआ था। पुलिस और खुफिया एजेंसी ने इन्हीं जिलों के चार डॉक्टरों को चिह्नित किया है। इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही एक टेक्नीशियन की भी तलाश में पुलिस लगी हुई है। हालांकि, उसका मोबाइल बंद जाने के कारण पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर पा रही है।
सोशल मीडिया भी खंगाल रही पुलिस
वहीं, पुलिस हस्साम के सोशल मीडिया पर भी संचालिक अकाउंटों को खंगाल रही है। इसके साथ ही उसके व साथियों के बैंक खातों की गहन जांच कर रही है। हस्साम सोशल मीडिया पर खुद को प्रभावशाली व्यक्ति दिखाता था।