लखनऊ। जब रास्ते मुश्किल हों… और हालात चुनौती बन जाएं… तब वही आगे बढ़ता है, जो रुकना नहीं जानता। हर आंसू को ताकत बना लेना… हर असफलता को सीख बना लेना…यही तो पहचान है एक सच्चे मेधावी की। अमर उजाला के ''भविष्य ज्योति'' कार्यक्रम के तहत रविवार को आईएमआरटी काॅलेज में विभिन्न बोर्ड के 10वीं व 12वीं के कुछ ऐसे ही मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। अमर उजाला परिवार का मानना है कि दीप से दीप जलता है। ये मेधावी आज के दीपक हैं जिन्होंने कठिनाइयों के अंधेरे को चीरकर, अपने नाम की एक नई सुबह लिखी है। जो आने वाले कल में समाज और देश में बहुसंख्य दीप जलाएंगे।
भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के ताैर पर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. प्रदीप कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि के ताैर पर मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार, लखनऊ विश्वविद्यालय के डेटा रिसोर्स सेंटर के निदेशक डाॅ. मुकुल श्रीवास्तव, हीवेट पाॅलीटेक्निक के प्रधानाचार्य कुंदन सिंह समेत अन्य सुधीजन माैजूद रहे।
नए संकल्प और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें : डाॅ. प्रदीप कुमार सिंह
भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. प्रदीप कुमार सिंह ने मेधावियों को सुझाव दिया कि शिक्षा और कॅरिअर के इस पड़ाव से आगे लक्ष्य पर फोकस करें। यहां से नए संकल्प और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।
लक्ष्य पर अडिग रहें, जरूर मिलेगी सफलता : डॉ. दिनेश कुमार
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने अमर उजाला के सम्मान समारोह के विषय में कहा कि यह प्रोत्साहन बच्चों को ऐसे समय में दिया जा रहा है जब उन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। यह उनके जीवन का निर्णायक मोड़ है। उन्होंने मेधावियों को सलाह दी कि कॅरिअर तय करने के बाद उस दिशा में लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ेंगे तो सफलता हर हाल में मिलेगी। बच्चों को अमर उजाला का कॅरिअर पेज नियमित रूप से पढ़ने की सलाह दी।
डाटा के सदुपयोग से बने सक्षम नागरिक : डाॅ. मुकुल श्रीवास्तव
कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के डाटा रिसोर्स सेंटर के निदेशक व मास कम्यूनिकेशन विभाग के हेड डाॅ. मुकुल श्रीवास्तव ने बच्चों से कहा कि यह डाटा का युग है। भविष्य में डाटा साइंस में असीम संभावनाएं हैं। डाटा का सही उपयोग करके हम योग्य, सक्षम और सजग नागरिक बन सकते हैं। उन्होंने बच्चों को सुझाव दिया कि दुनिया की घटनाओं पर अपडेटेड रहना हो या लेखन शैली सुधारनी हो, अखबार रोज पढ़ें। जीवन में कभी शॉर्टकट न अपनाएं। परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है।
प्रोत्साहित करने से बढ़ता है आत्मविश्वास
मेधावियों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने से उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है। अमर उजाला ने प्रतिभाओं को नई दिशा देने का प्रयास किया है। अखबार का काम खबरों तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि, समाज की भागीदारी को समझते हुए उनके लिए भी काम करते रहना चाहिए। अमर उजाला ने इस काम को ईमानदारी पूर्वक कर दिखाया है। - कुंदन सिंह, प्रधानाचार्य, हिवेट पॉलीटेक्निक
इन स्कूलों के मेधावियों को किया गया सम्मानित
समारोह में सीएमएस, वेदम वर्ल्ड स्कूल, बाल निकुंज इंटर कॉलेज, ट्रिनिटी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, वाॅरिअर डिफेंस एकेडमी, डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल गर्ल्स काॅलेज के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। कुछ बच्चों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था।
आयोजन को सफल बनाने में इनकी रही भागीदारी
नाॅलेज पार्टनर के ताैर पर श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी, लखनऊ पब्लिक काॅलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, वेन्यू पार्टनर आईएमआरटी बिजनेस स्कूल और रिफ्रेशमेंट पार्टनर गुड मार्निंग के साथ ही को-पार्टनर विनायक इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, लाॅ प्रेप ट्यूटोरियल, महर्षि यूनिवर्सिटी, हीरालाल यादव लाॅ काॅलेज, एसबीआई, हुंडई मोटर्स, मैक, काॅस्मिक डेंटल क्लिनिक, डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल गर्ल्स काॅलेज शामिल रहे।
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प्रतिभाओं को मिला सम्मान तो मेधावियों का बढ़ा मनोबल-
मेधावी बोले- अभिभावक के सामने सम्मान पाना सुखद
कार्यक्रम में शामिल होना सुखद पल है। सैकड़ों लोगों के बीच सम्मानित करने के लिए अमर उजाला का विशेष आभार। यहां आकर बहुत कुछ सीखने को मिला। वक्ताओं ने भविष्य के बारे में जानकारी दी। इंजीनियरिंग बनने का सपना है।
- शौर्य जैन- 12 वीं पास, 79 प्रतिशत अंक, सेंट एंथनी स्कूल
यहां आकर नई चीजों के बारे में जानकारी मिली। खासकर डिजिटल के बारे में। ऐसे कार्यक्रम में शामिल होने से मनोबल बढ़ता है। अमर उजाला का विशेष आभार। भविष्य में सीए बनने की इच्छा है। इसके लिए मेहनत कर रही हूं। - खुशी राजपूत, 10 वीं पास, 83 प्रतिशत, बाल निकुंज
एनडीए करना मेरा लक्ष्य
यहां आकर बेहतर करने की ऊर्जा मिली है। सम्मान ने आत्मबल बढ़ाया है। अभी तक 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वालों का सम्मान होता था लेकिन, उमर उजाला ने उससे कम वालों को भी यह सम्मान दिया है। एनडीए मेरा लक्ष्य है। - शौर्य पयासी, 10 वीं पास, 89 प्रतिशत, वॉरिअर डिफेंस
अभिभावक के सामने सम्मानित होने से आत्मविश्वास बढ़ा है। ऐसे कार्यक्रम में शामिल होने से सीखने का मौका मिलता है। अतिथियों ने बताया कि मेहनत करने वाले कभी निराश नहीं होते। एक न एक दिन सफलता जरूर मिलती है। -अर्पूवा, 12वीं पास, 88 प्रतिशत, ट्रिनिटी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल
मेरी तरह सैकड़ों ऐसे छात्र रहे, जिनके 10वीं व 12वीं में 80 फीसदी से भी कम अंक थे। इस मंच से सभी को सम्मानित किया गया। इससे यही सीख मिलती है कि प्रतिभा हो तो सम्मान जरूर मिलता है। क्लैट की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। - शांतनु कुमार, 10वीं पास, 73 प्रतिशत, वेदम वर्ल्ड स्कूल