लखनऊ। यूपी बोर्ड की 24 फरवरी से शुरू हो रही 10वीं, 12वीं की परीक्षा के लिए शहर में 127 केंद्र बनाए गए हैं। कंट्रोल रूम से इनकी निगरानी शुरू हो चुकी है। परीक्षा से जुड़ी ऐसी तैयारियों की समीक्षा डीएम विशाख जी ने बृहस्पतिवार को की।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित बैठक में उन्होंने परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारियों से दो टूक कहा कि सभी जिम्मेदार केंद्रों पर समय से पहुंचें। जानकारी लेने पर यह न पता चले कि कोई रास्ते में है।
जिलाधिकारी ने बताया कि शहर में 1,03,778 छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। इसमें हाईस्कूल के 53,931 परीक्षार्थी हैं, जिसमें से 27,048 छात्र और 26,883 छात्राएं हैं। इंटरमीडिएट में 49,847 परीक्षार्थी हैं, जिनमें 24,524 छात्र और 25,323 छात्राएं हैं।
डीएम ने कहा, अधिकारी व कर्मचारी पूरी गंभीरता से ड्यूटी करें। इसमें कोई बहाना नहीं चलेगा। मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन शुभी सिंह, अपर जिलाधिकारी नागरिक आपूर्ति ज्योति गौतम, जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश आदि थे।
हर परीक्षा केंद्र पर एक केंद्र व्यवस्थापक के अतिरिक्त एक-एक बाह्य केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त कर दिया गया है। केंद्रों पर रात में निरीक्षण के लिए 23 टीमें तैनात की गई है। ये 12 मार्च तक नियमित निरीक्षण करेंगी। केंद्र व्यवस्थापकों को नए नकल अध्यादेश के बारे में भी अवगत कराया गया है। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि इसका ध्यान रखना होगा। इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है। डीएम ने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी केंद्र का गेट बंद मिले तो जिम्मेदार लोगों पर तत्काल एक्शन लिया जाए। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के लिए कहा। उधर, जिन परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे हैं उन्हें शुक्रवार को बांटे जाएंगे।