बताया गया कि राम मंदिर मामले से जुड़े सीबीआई कोर्ट के महत्वपूर्ण दस्तावेजों के 23 नए बॉक्स हाल ही में संग्रहण केंद्र तक पहुंचाए गए हैं। इन बॉक्सों में रखे दस्तावेजों की छंटाई, वर्गीकरण और स्कैनिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। इन अभिलेखों को भी डिजिटलीकरण परियोजना में शामिल किया गया है, ताकि न्यायिक रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित और सुलभ हो सके।
ग्रंथों व किताबों का भी होगा डिजिटलीकरण
डिजिटलीकरण की प्रक्रिया केवल फाइलों और प्रपत्रों तक सीमित नहीं है। चाल आलमारियों में सुरक्षित ऐतिहासिक किताबों, संदर्भ ग्रंथों और दुर्लभ प्रकाशनों को भी कंम्प्यूटर में अपलोड किया जाना है। इनमें राम जन्मभूमि आंदोलन, अयोध्या के इतिहास और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी दुर्लभ कृतियां शामिल हैं। इनमें से वे ग्रंथ व किताब भी शामिल हैं जिनकाे कोर्ट में प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया गया था। विशेषज्ञों की देखरेख में इन पुस्तकों को स्कैन कर डिजिटल संग्रह का हिस्सा बनाया जाएगा।