लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता (वाणिज्य) विनोद कुमार आर्य ने कहा कि एक वित्तीय वर्ष में तीन बार स्वीकृत से ज्यादा बिजली लोड का प्रयोग करने वालों का औसत लेकर बढ़ा दिया गया है। जो उपभोक्ता कहते हैं कि उन्हें बढ़े हुए बिजली लोड की जरूरत नहीं, तो अपने क्षेत्र के अधिशासी अभियंता (कलेक्शन) और ऑनलाइन कंज्यूमर एप पर प्रार्थनापत्र देकर घटा सकते हैं, मगर लोड घटाने से पहले जांच की जाएगी।
मुख्य अभियंता ने ये जानकारी शुक्रवार को अमर उजाला संवाद में दी। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को अपनी समस्या का समाधान पाना है तो डिजिटल शिकायत दर्ज कराएं, जिसका सबसे बेहतर प्लेटफाॅर्म कॉल सेंटर 1912 है। इस पर दर्ज होने वाली समस्या का समाधान होता है और जो लापरवाही करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होती है।
ये उठीं समस्याएं
- विद्युत पेंशनर्स परिषद के प्रमुख महासचिव कप्तान सिंह ने कहा कि जानकीपुरम व लखनऊ मध्य जोन में पेंशनर्स के घर में जो मीटर लगे हैं, उन्हें अब तक फीड नहीं किया गया है। जिम्मेदारों ने बिजली काट दी है।
- व्यापारी नेता नितिन जैन ने कहा कि सोलर में बिजली बन रही, मगर कहां जा रही, यह कोई नहीं बता रहा है। उपभोक्ता सोलर लगवाकर भी पहले से ज्यादा बिल चुका रहे। अभियंता जानकारी देने के बजाय इधर-उधर दौड़ाते हैं।
- ग्रेटर लखनऊ महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा व व्यापारी नेता एसपी मिश्रा ने कहा कि पूरे वित्तीय वर्ष में उनके कनेक्शन (खाता नंबर 7304230625) में महज दो बार थोड़ा-थोड़ा ज्यादा लोड इस्तेमाल किया गया। इसके बाद भी लोड बढ़ा दिया गया।
- पीयूष कश्यप (खाता नंबर 6526984845) ने कहा कि 1912 पर छह बार शिकायतें दर्ज कराईं, मगर हर बार फर्जी तरीके से समस्या के समाधान का मेसेज भेजकर शिकायत बंद कर दी गई।
- उद्यमी विजय सिंह यादव ने कहा कि बीच सड़क पर खंभा लगा है, जिससे रोज छह-सात लोग टकराकर जख्मी हो रहे, मगर विश्वविद्यालय उपकेंद्र के जिम्मेदार उसे शिफ्ट नहीं कर रहे।
- समाजसेविका जैनब हैदर ने कहा कि ठाकुरगंज स्थित घर में तालाबंदी होने पर भी दो हफ्ते में 800 रुपये का बिल 2600 रुपये हो गया, जिसका मुझे भुगतान करना पड़ा। विभाग गलत रकम का बिल बनाकर उत्पीड़न कर रहा।
ये रहे मौजूद
कप्तान सिंह, रूप कुमार शर्मा, एसपी मिश्रा, नितिन जैन, पीयूष कश्यप, विजय सिंह यादव, महक हैदर, जैनब हैदर, सुरेश कुमार।