लखनऊ। बीबीडी इलाके में बृहस्पतिवार रात किसान पथ पर दर्दनाक हादसे की वजह नशा और ट्रक की बेकाबू रफ्तार बनी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि चालक कई किलोमीटर पहले से ट्रक तेज रफ्तार में लहराता हुआ दौड़ा रहा था। किसान पथ पर पहुंचा तो रफ्तार और बढ़ा दी और अनियंत्रित होकर इनोवा से जा टकराया। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
इनोवा सवार कव्वाली टीम के आरिफ ने बताया कि उनको छोड़कर बाकी सभी हल्की नींद में थे। अचानक धमाके जैसी आवाज सुनकर आंख खुली तो कुछ समझ में ही नहीं आया कि हुआ क्या है। शहजाद खून से लथपथ थे। बाकी को भी चोट लगी थी। आरिफ मामूली रूप से घायल थे। गाड़ी से उतरकर देखा तो वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त पड़ी थी। उसमें भी कुछ लोग घायल थे और उनके कराहने की आवाज आ रही थी। अंधेरे की वजह से वैन के अंदर कुछ नजर नहीं आ रहा था। उन्होंने शोर मचाया तो राहगीर मदद के लिए रुक गए। इस बीच पुलिस व दमकल के लोग भी पहुंच गए। आरिफ व उनके साथियों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। आरिफ बताते हैं कि वैन सवार लोगों का क्या हुआ उनको नहीं पता।
किसान पथ पर चार वाहनोंं की हुई टक्कर में महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई। सात लोग घायल हो गए। मंजर इतना भयानक था कि लोगों की रूह कांप उठी। वैन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद एक तरफ का यातायात करीब एक घंटे तक प्रभावित रहा।
मां के साथ दवा लेकर लौट रहे थे कुंदन, गई दोनों की जान
वैन सवार चिनहट के खदक गांव निवासी कुंदन की मां किरन बीमार थीं। उनका इलाज जुग्गौर के अस्पताल से चल रहा था। वह पड़ोसी हिमांशु और शोभित के साथ वैन से मां को दिखाने गए थे। कुंदन वैन चला रहे थे। लौटते वक्त हादसे में कुंदन व उनकी मां किरन की मौत हो गई। लोहिया अस्पताल पहुंचे मृतक के चचेरे भाई शव देखते ही बेसुध हो गए। बार-बार यही कह रहे थे कि पलभर में सब खत्म हो गया। कुंदन के पिता लालता प्रसाद की छह माह पहले ही मौत हुई थी।
बड़े भाई को अफसर बनाना चाहते थे कुंदन
कुंदन तीन-भाई बहन में सबसे छोटे थे। पिता की मौत के बाद मां किरन के इलाज, भाई सरवन की पढ़ाई व बहन अनइया की शादी की जिम्मेदारी कुंदन ने अपने कंधों पर ले रखी थी। कुंदन बड़े भाई सरवन को अफसर बनाना चाहते थे। अपनी पढ़ाई छोड़कर बिजली और पैनल लगाने का काम करने लगे। सरवन बीबीए कर रहे हैं। कुंदन भाई की शादी की भी तैयारी में लगे थे।
लाइट की कमी भी हादसे की बड़ी वजह
हादसे में मृत हिमांशु यादव के चचेरे भाई रोहित ने बताया कि घटनास्थल पर लाइट की कमी हादसे की असली वजह थी। आरोप है कि अक्सर वहां पर लोग रॉन्ग साइड से चलते हैं और ब्रेकर भी नहीं है। पहले भी वहां कई हादसे हो चुके हैं।
वैन के परखच्चे उड़े, गैस कटर से काटकर निकाला गया
वैन काफी रफ्तार से ट्रक से टकराई। उसका अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पीछे से कंटेनर भिड़ गया। टक्कर इतनी तेज थी कि वैन पिचक गई। पुलिस कर्मी वैन में फंसे लोगों को निकाल नहीं पा रहे थे। जब दमकल की टीम पहुंची तब क्रेन से पहले कंटेनर और ट्रक को हटाया गया। फिर वैन के कुछ हिस्से को गैस कटर से काटकर चारों को निकाला गया। इनमें से तीन की मौत हो चुकी थी, जबकि लाले यादव उर्फ शोभित की हालत गंभीर हैं।