लखनऊ। राजधानी में करीब 25 निजी विद्यालयों के खिलाफ अभिभावकों ने जिला प्रशासन से शिकायत की। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में बनी जिला शुल्क नियामक समिति ने सभी शिकायतों की जांच करने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष रखी। डीएम ने ब्राइट वे इंटर कॉलेज को छोड़कर अन्य सभी शिकायतों की जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए पुन: जांच के निर्देश दिए हैं।
जिला शुल्क नियामक समिति की जांच में पुष्टि हुई है कि ब्राइट वे इंटर कॉलेज ने इस वर्ष 25 फीसदी तक फीस में बढ़ोतरी की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विद्यालय को नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, विद्यालय ने अभी कोई जवाब नहीं दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राकेश कुमार के अनुसार, राजधानी के लखनऊ मॉडल पब्लिक इंटर कॉलेज, मीरा हिल काॅन्वेंट स्कूल हरिनगर, करेहटा स्कूल, अवध कॉलेजिएट, आश्रम एकेडमी, सेंट्रल एकेडमी, सरस्वती विद्यालय मंदिर और सीएमएस अलीगंज सहित 25 विद्यालयों के खिलाफ अभिभावकों ने शिकायत की थी। इनमें मनमाना फीस की बढ़ोतरी, विशेष दुकान से ड्रेस और किताबें खरीदने का दबाव सहित अन्य शिकायतें हैं।
प्रत्येक जोन में जिला प्रशासन और स्थानीय राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य की अगुवाई में शिकायतों की जांच की गई। शिकायतों के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया लेकिन उन्होंने रिपोर्ट पर असंतोष जाहिर करते हुए पुन: जांच के लिए कहा है।
डीआईओएस ने बताया कि ब्राइट वे इंटर कॉलेज में प्री प्राइमरी से पहली कक्षा तक 11 फीसदी, दूसरी कक्षा में 25 फीसदी, तीसरी कक्षा में 11 फीसदी से अधिक फीस बढ़ोतरी की पुष्टि हुई है। ये फीस बढ़ोतरी शुल्क नियामक के मानक के खिलाफ है। ऐसे में विद्यालय से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई हुई तो कोर्ट जाएंगे : प्रबंधक
ब्राइट वे इंटर कॉलेज के प्रबंधक प्रेम सिंह ने बताया कि सुविधाओं के अनुसार फीस की बढ़ोतरी की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से नोटिस प्राप्त हुआ है लेकिन उसका जवाब नहीं दिया गया। प्रशासन ने यदि किसी तरह की कार्रवाई की तो कोर्ट में चुनौती देंगे।