स्वास्थ्य महानिदेशालय में डॉक्टरों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (एसीआर) गुम होने से हड़कंप मचा है। इन डॉक्टरों ने पुनरीक्षित वेतनमान के लिए न्यायालय में केस दायर किया है। मुकदमें की पैरवरी के लिए गोपन विभाग से जब एसीआर मंगाई गई तो पता चला कि सभी फाइलें गायब हैं। अब फाइल गुम होने की एफआईआर कराई गई है।
स्वास्थ्य महानिदेशालय को शासन ने 10 चिकित्साधिकारियों को अपर निदेशक के पद पर नोशनल पदोन्नति के लिए वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (एसीआर) वर्ष 1979-80 से वर्ष 1988-89 तक वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां तथा अपर निदेशक से निदेशक के पद पर नोशनल पदोन्नति पर विचार किए जाने के वर्ष 1994-95 तक की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
इनमें से संयुक्त निदेशक गोपन ने तीन चिकित्साधिकारियों की 10 वर्षों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां शासन को उपलब्ध करा दी थी। लेकिन ये सभी एसीआर अब मिल नहीं रही हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय के गोपन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रांतीय चिकित्सा सेवा सवंर्ग (पीएमएचएस) के साधारण ग्रेड चिकित्साधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (एसीआर) का रख- रखाव गोपन अनुभाग में रखा जाता है। साधारण ग्रेड चिकित्साधिकारियों को वरिष्ठ ग्रेड चिकित्सा अधिकारी के पद पर प्रोन्नति की कार्यवाही महानिदेशालय का गोपन अनुभाग करता है।
वरिष्ठ चिकित्साधिकारियों से उच्च स्तर तक के अधिकारियों की गोपनीय प्रविष्टियों का रख-रखाव शासन स्तर पर किया जाता है। समय-समय पर शासन से प्रस्ताव मांगें जाने पर चिकित्साधिकारियों का सेवा विवरण उन्हें उपलब्ध करा दिया जाता है। जिन चिकित्साधिकारियों के एसीआर मिल नहीं रहे हैं, उनमें से सभी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन चिकित्साधिकारियों ने न्यायालय में पुनरीक्षित वेतन के लिए केस दायर किया है। एसीआर न मिलने केकारण इनकी पैरवी नहीं हो पा रही है। इसी के बाद संयुक्त निदेशक प्रशासन स्वास्थ्य भवन डॉ. इरफान वजीह को एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं।
चिकित्साधिकारियों के केस न्यायालय में चल रहे हैं। इसीलिए एसीआर की जरूरत पड़ी थी। फाइल ढूंढ़ने पर पता चला कि कई चिकित्साधिकारियों की फाइलें गुम हैं। इसीलिए एफआईआर कराई गई है।
-डॉ. पद्माकर सिंह, महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य