लखनऊ। अयोध्या रोड पर ट्रैफिक जाम के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष राज्य सरकार, नगर निगम और मेट्रो रेलवे ने जानकारी दी है कि पॉलीटेक्निक चौराहे से किसान पथ तक की सड़क को री-डिजाइन किया जाएगा। इस पर कोर्ट ने पूछा है कि पूर्व के आदेश के अनुपालन में क्या एकीकृत योजना तैयार कर ली गई है।
न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की खंडपीठ ने ये सुनवाई अवध बार एसोसिएशन की जनहित याचिका पर की। इसमें हाईकोर्ट के पास अयोध्या रोड पर ट्रैफिक जाम का मुद्दा उठाया गया है। कमता चौराहे समेत पॉलीटेक्निक चौराहे से किसान पथ तक लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान को लेकर हाईकोर्ट ने संबंधित विभागों को पहले कई निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी, आवास विकास परिषद, एलडीए, लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन व नगर निगम को पॉलीटेक्निक से किसान पथ तक एलिवेटेड रोड के साथ-साथ मेट्रो रेल सेवा शुरू करने के संबंध में एकीकृत योजना बनाने के लिए दो माह का समय भी दिया जा चुका है। कोर्ट ने कहा था कि विशेषज्ञों से एकीकृत योजना बनवाने से कार्य के पूर्ण होने में लगने वाला समय भी पता चल जाएगा। तब इसे मूर्तरूप देने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को नियत की है।