कार्यशाला में मौजूद सुप्रसिद्ध कलाकार पंडित धर्मनाथ मिश्र।
लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विवि के गायन विभाग की ओर से संचालित उप शास्त्रीय संगीत की कार्यशाला के तीसरे दिन सुप्रसिद्ध कलाकार पंडित धर्मनाथ मिश्र ने विद्यार्थियों को गायन की बारीकियां बताईं। यह कार्यशाला 30 अप्रैल तक चलेगी। पंडित धर्मनाथ मिश्र ने विद्यार्थियों को राग पीलू में बनारसी कजरी सिखाया, जिसके बोल थे घिर आई है कारी बदरिया...। राग पहाड़ी में मिर्जापुरी कजरी बीरन भैया अईहैं अनबैया हो... गाकर भी सिखाया। दीपचंदी ताल में निबद्ध चैती भी सिखाई, जिसके बोल थे आज महा छवि छायी हो रामा अवध नगर में...। सभी रचनाओं में अलग-अलग तरीके से कहने का ढंग भी विद्यार्थियों को बताया गया। तबले पर संगत अनंत प्रजापति की रही।