लखनऊ। कैसरबाग स्थित कलामंडपम के मंच पर सोमवार को भारतेंदु नाट्य अकादमी के छात्रों ने प्रेमचंद के उपन्यास ''रंगभूमि'' पर अभिनय किया। डिंपी मिश्रा के निर्देशन और राहुल चौहान के प्रकाश संयोजन में सजी इस प्रस्तुति ने एक साथ मिलकर ऐसा जादू किया कि सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भारत आजाद ने जगधर के रूप में स्वतंत्र चेतना और संघर्षशीलता का दमदार चित्रण किया। आशीष मिश्र ने प्रभु सेवक के भीतर पल रहे अंतर्द्वंद को उकेरा।