लखनऊ। राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में कई माह से बरकरार दवाओं का संकट अगले महीने तक दूर होगा। शासन से इसके लिए 17 लाख रुपये का बजट मिला है। कॉलेज के जरिये दवाओं की टेंडर प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। आयुष मिशन से कुछ दवाएं मिलने से मरीजों को थोड़ी राहत हुई है।
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज की ओपीडी में रोजाना करीब 700 मरीज आते हैं। इनका कहना है कि डॉक्टरों की ओर से परचे पर लिख जाने वाली दवाओं में से दो-तीन ही अस्पताल से मिल रही हैं। प्राचार्य डॉ. दिनेश कुमार मौर्य का कहना है कि बजट मिल गया है। मार्च के पहले हफ्ते तक कंपनी से दवाओं की आपूर्ति कर दी जाएगी।