लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ब्लड बैंक में ए और एबी पॉजिटिव खून का संकट गहरा गया है। करीब एक महीने से इनकी कमी रहने से मरीजों को खून उपलब्ध कराने में दिक्कत आ रही है।
संस्थान के ब्लड बैंक में करीब तीन हजार यूनिट खून का स्टॉक रहता है। अभी 2500 यूनिट खून यहां है। सबसे ज्यादा ट्रॉमा सेंटर और क्वीनमेरी में भर्ती मरीजों को खून दिया जाता है। इसमें ए पॉजिटिव खून की रोजाना 150 से अधिक यूनिट की खपत है। संस्थान में कम से कम 300 यूनिट इस समूह का खून होना चाहिए, लेकिन अभी 30 यूनिट ही ए पॉजिटिव खून बचा है। एबी पॉजिटिव खून की रोजाना 100 से 120 यूनिट की खपत है, लेकिन सिर्फ पांच यूनिट खून ही बचा है।
ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की प्रमुख तूलिका चंद्रा ने बताया कि ए और एबी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की मांग अधिक होने के कारण स्टॉक को सामान्य स्तर पर लाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सभी लोगों और खास तौर पर इन समूह के लोगों से रक्तदान करने की अपील की है।
ये लोग कर सकते हैं रक्तदान
- 18 वर्ष से अधिक उम्र के महिला-पुरुष।
- कम से कम 50 किलोग्राम वजन हो।
- बुखार, संक्रमण या गंभीर बीमारी न हो।
- रक्त में हीमोग्लोबिन की न्यूनतम मात्रा 12.5 हो।
ऐसे लोगों के लिए है मनाही
- गर्भवती और एनीमिया ग्रसित महिलाएं।
- एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, सी के मरीज।
- हाल ही में बड़ी सर्जरी या जिन्हें गंभीर संक्रमण हुआ हो।
- शराब या नशीले पदार्थ के सेवन के तुरंत बाद नहीं दे सकते हैं खून।