लखनऊ। सदर में रामलीला मैदान के पास एक वीर नामक सात साल के बच्चे के हैदर कैनाल नाले में बहने के मामले में फिर सरकारी विभागों की लापरवाही सामने आई है। जहां पर हादसा हुआ है वहां पर सुरक्षा को रेलिंग टूटी पड़ी है। जिम्मेदारों ने यदि रेलिंग सही कराई होती तो बुधवार की शाम हादसा नहीं होता। स्थानीय लोगों के अनुसार, टूटी रेलिंग की वजह से बुधवार की सुबह उसी जगह पर एक गाय भी नाले में गिर गई थी।
जिस हैदर कैनाल नाले में बच्चा बहा है, वह करीब 70 मीटर चौड़ा है। ये नाला पारा से 1090 चौक तक जाता है, जिसकी लंबाई करीब साढ़े आठ किमी है। सदर से लेकर योजना भवन तक नाले के ऊपर बसपा सरकार में एलिवेटेड रोड भी बनी है। उसी के पास रामलीला मैदान है जहां पर कूड़ा बीनने वाले अवैध रूप से रहते हैं। क्षेत्रीय पार्षद अमित चौधरी का कहना है कि नाले पर पुल के नीचे साइड नाला बनाने का काम एलडीए ने किया है। उसको वहां पर रेलिंग लगानी चाहिए थी। रेलिंग होती तो हादसा न होता। स्थानीय निवासी अरुण का कहना है जब
बीच-बीच में गायब रेलिंग है, टूटी है दीवार
रामलीला मैदान से लाल बहादुर शास्त्री मार्ग तक रामलीला मैदान के अलावा किनारे शुभम नगर नामक बस्ती भी है। बस्ती के और नाले के बीच कई जगह सुरक्षा को लेकर दीवार बनी है। दीवार पर रेलिंग लगी है, मगर कई जगहों पर रेलिंग भी गायब है। दीवार भी टूटी है। कई लोगों का कहना है कि इसे यहां पर अवैध रूप से रहने वालों ने ही तोड़ा है। जिम्मेदार विभागों ने उसे दोबारा लगवाने की जहमत नहीं उठाई। यह भी कहा जाता है कि यह निर्माण बसपा सरकार में हुआ था। इसी वजह से मरम्मत को लेकर इधर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता।
तीन महीने में यह छठवां हादसा
राजधानी में पिछले तीन महीने में नाले में बहने की यह छठी घटना है। इसके पहले ये पांच घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें दो लोगों की मौत भी हो चुकी है।
जुलाई माह में ठाकुरगंज नाले में एक व्यक्ति नाले का पत्थर टूटा होने से उसमें बहने से मौत हो गई थी।
कल्याणपुर में कुकरैल नाले में एक बच्चे की बहने से मौत हुई।
डेढ़ महीने पहले रकाबगंज में एक बच्चा स्कूल से लौटते समय नाले में गिर गया था।
गोमती नगर में नाले पर खड़ा एक व्यक्ति पत्थर टूटने के कारण उसमें गिरने से घायल हो गया था।
करीब एक महीने पहले रहीम नगर में एक व्यक्ति खुले नाले में गिर गया था जिसे पुलिस और स्थानीय लोगों ने बचा लिया था।
हैदर नाले को ढका नहीं जा सकता : महापौर
हादसे की जानकारी के बाद महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे। महापौर ने कहा कि नगर निगम की टीम भी बच्चे को ढूंढने में लगी है। नगर निगम पीड़ित परिवार के साथ है। नगर आयुक्त और महापौर ने कहा कि हैदर कैनाल नाला बहुत चौड़ा है। इसे ढका नहीं जा सकता। सदर रामलीला मैदान से लोहिया पथ पर डीजीपी मोड़ तक करीब दो किमी के दायरे में सर्च ऑपरेशन के दौरान नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, डाॅ. अरविंद राव और नम्रता सिंह भी मौके पर रहीं।
नाले की टूटी रेलिंग।
नाले की टूटी रेलिंग।
नाले की टूटी रेलिंग।
नाले की टूटी रेलिंग।
नाले की टूटी रेलिंग।
नाले की टूटी रेलिंग।
नाले की टूटी रेलिंग।
नाले की टूटी रेलिंग।