लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राजधानी के सरकारी मेडिकल संस्थानों व अस्पतालों में उपलब्ध वेंटिलेटरों का ब्योरा मांगा है। कोर्ट ने कहा, किस संस्थान या अस्पताल में कितने वेंटिलेटर हैं और कितने की आवश्यकता है, इसका पूरा आंकड़ा दिया जाए। इससे कोर्ट सुनिश्चित कर सके कि उपलब्ध वेंटिलेटर पर्याप्त हैं या नहीं।
कोर्ट ने लखनऊ पीठ के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 16 जिलों में उपलब्ध व जरूरी वेंटलेटरों के बारे में भी पता करने के निर्देश अफसरों को दिए हैं। मामले में ब्योरे के साथ हलफनामा दाखिल करने के लिए सरकार व केजीएमयू को और समय दिया गया है। अगली सुनवाई आठ दिसंबर को होगी।
न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश वी द पीपल संस्था की जनहित याचिका पर दिया है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर केजीएमयू के कुलपति समेत एसजीपीजीआई व आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशकों को खुद या नामित अधिकारी की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के दौरान उपस्थित होने के लिए कहा था। कोर्ट ने पहले भी राजधानी के सभी सरकारी मेडिकल संस्थानों और अस्पतालों के वेंटिलेरों का विस्तृत ब्योरा हलफनामे पर पेश करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद राज्य सरकार और केजीएमयू की ओर से हलफनामे दाखिल नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने और समय दिया है।