लखनऊ। बिजली विभाग के समाधान शिविरों में भी उपभोक्ताओं की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। ताजा मामला न्यू आलमबाग उपखंड के सिंगारनगर उपकेंद्र के शिविर का है, जहां ब्रह्मनगर निवासी लवकुमार मिश्रा की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लवकुमार मिश्रा के घर दो किलोवाट का कनेक्शन है, लेकिन मीटर 16 किलोवाट का लोड दिखा रहा है। इस गड़बड़ी के चलते उनका बिजली बिल 1,000 से बढ़कर 4,000 रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने 13 मई से एसडीओ नरेंद्र यादव को कई बार शिकायती पत्र और वीडियो साक्ष्य दिए, लेकिन अब तक मीटर की जांच नहीं कराई गई।
पिछले बृहस्पतिवार को जब वे फिर शिविर में पहुंचे, तो एसडीओ ने कहा- नया प्रार्थना पत्र दो, तब जांच होगी। मामले पर आलमबाग के एक्सईएन योगेश कुमार जायसवाल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन अब प्रार्थना पत्र का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
बुजुर्ग महिला की शिकायत शिविर में ही दूर
दुबग्गा की बुजुर्ग महिला प्रतिमा श्रीवास्तव ने शिविर में मीटर के तेज चलने की शिकायत की। एक्सईएन विशाल वर्मा के मुताबिक, उनके घर पहले से ही चेक मीटर लगा था। शिविर में चेक मीटर की रिपोर्ट मंगाकर तुलना की गई, जिसमें कोई अंतर नहीं मिला। रिपोर्ट मिलने के बाद महिला को समझाया गया और उन्होंने 2,392 रुपये का बिल जमा कर दिया।
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रिटायर्ड डिप्टी एसपी ने सुनाई खरी-खोटी
इंदिरानगर सेक्टर-14 के शिविर में रिटायर्ड डिप्टी एसपी अनीता दुबे ने अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके 90 वर्षीय पिता टीपी पांडेय के घर की बिजली तीन दिन से कटी हुई है, जबकि पूरा बिल जमा है। एक्सईएन अभय प्रताप सिंह ने जांच कराई तो पता चला कि प्रीपेड मीटर का रिचार्ज खत्म हो गया था। रिचार्ज कराने के बाद बिजली बहाल कर दी गई।
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स्मार्ट मीटर से बढ़े बिल से उपभोक्ता परेशान
इंदिरानगर स्थित मानस इन्क्लेव के हरीशंकर ने शिविर में शिकायत की कि उनका बिल पहले 250 से 300 रुपये प्रतिमाह आता था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह बढ़कर 800-900 रुपये हो गया है। एक्सईएन ने उनकी शिकायत पर चेक मीटर लगाकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।