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Lucknow News: ‘आषाढ़ का एक दिन’ में दिखा कला और जीवन के बीच का द्वंद्व

Wed, 12 Nov 2025 02:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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मोहन राकेश के 1958 में लिखे गए प्रसिद्ध नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ का मंचन मंगलवार को संगीत नाटक अक
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लखनऊ। मोहन राकेश के 1958 में लिखे गए प्रसिद्ध नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ का मंचन मंगलवार को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में किया गया। मोहन राकेश ने इस नाटक में प्रेम और महत्वाकांक्षा, आदर्श और यथार्थ, कला और जीवन के द्वंद्व को संवेदनशीलता के साथ उकेरा है। केके अग्रवाल के निर्देशन में महाकवि कालिदास के निजी जीवन को मंच पर उसी संवेदनशीलता के साथ उतारा गया।
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नाटक के केंद्र में महाकवि कालिदास और उनकी प्रेयसी मल्लिका हैं। हिमालय की वादियों में पला उनका प्रेम, उज्जयिनी की राजनीति और राजदरबार की महत्वाकांक्षाओं से आहत होता है। उज्जयिनी जाकर कवि कालिदास राज कवि बन जाते हैं और वहां की राजकुमारी प्रियंगु मंजरी से विवाह करके कश्मीर के राजा भी बना दिए जाते हैं। दूसरी ओर मल्लिका त्याग, प्रतीक्षा और वियोग की प्रतिमूर्ति बन जाती है। यह नाटक व्यक्तिगत स्वतंत्रता, कलात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक मानदंडों की बाधाओं के कालजयी विषयों को उजागर करता है। नाटक में अर्चना शुक्ला, मिनी दीक्षित, अंबरीश बॉबी, आशुतोष पांडेय, भानु प्रकाश पांडेय और अजय भटनागर ने प्रमुख भूमिकाएं निभाईं। आयोजन के प्रारंभ में प्रसिद्ध नाट्य लेखक पद्मश्री दया प्रकाश सिन्हा के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मोहन राकेश के 1958 में लिखे गए प्रसिद्ध नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ का मंचन मंगलवार को संगीत नाटक अक

मोहन राकेश के 1958 में लिखे गए प्रसिद्ध नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ का मंचन मंगलवार को संगीत नाटक अक

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