लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का ब्राउन हाॅल सोमवार को अचानक समय मशीन में बदल गया। करीब 50 वर्ष बाद 1975 के विद्यार्थी उसी परिसर में मिले, जहां कभी उनके सपनों ने उड़ान भरी थी। कोई अपने बीते दिनों की हल्की-सी कसक लेकर आया था तो कोई बस यादों के धागे फिर से बुनने के लिए लेकिन मुलाकात की सबसे बड़ी हाइलाइट वही पुराना किस्सा बना, जिसने पूरे बैच को एक अनोखा नाम दे दिया था ‘कुत्ते-बिल्लियों वाला बैच’।
आगरा के डॉ. पीके माहेश्वरी पुरानी शरारत याद कर हंस पड़े। बताया कि एक बार पैथोलॉजी की क्लास चल रही थी। अचानक किसी छात्र ने मुर्गे की आवाज निकाल दी। हमारी टीचर डॉ. प्रभा मेहरा बुरी तरह नाराज हो गईं। उन्होंने शक में एक बेचारे छात्र को बाहर कर दिया। असल अपराधी तो अंदर ही बड़ी मासूमियत से बैठा रहा।
इस घटना के बाद गुस्से और मजाक के मिश्रण में डॉ. मेहरा ने पूरे बैच को ही ‘कुत्ते-बिल्लियों वाला बैच’ कहना शुरू कर दिया। हालांकि उनकी नाराजगी कभी भी छात्रों के रिजल्ट की कॉपी तक नहीं पहुंची। डॉ. माहेश्वरी ने परिसर में दोबारा कदम रखते हुए कहा कि अजीब-सी खुशी हुई। लगा जैसे वही दिन फिर लौट आए हों... वही क्लास, वही दोस्त, वही पुरानी शरारतें।
छात्रों से मिलकर ताजा हो गईं पुरानी यादें
1975 बैच मेरे लिए इस मामले में भी खास है कि उस समय मैंने बतौर शिक्षक पहली बार क्लास ली थी। उस समय देश में इमरजेंसी चल रही थी। केजीएमयू में कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विभाग बढ़ गए हैं और भवन भी बढ़ गए हैं।
- डॉ. यूके जैन
यहां से मिली कुछ करने की ताकत
ब्राउन हाॅल की कुर्सियों देखकर बहुत सारी यादें ताजा हो गईं। आज पुराने शिक्षकों और अपने सहपाठियों से मिलकर बहुत अच्छा लगा। यही वह स्थान है जहां से मुझे कुछ करने की ताकत मिली। केजीएमयू से हमें बड़ा मुकाम मिला। पीजीआई जैसे संस्थान का निदेशक रहा अब मेदांता अस्पताल की जिम्मेदारी निभा रहा हूं।
- डॉ. राकेश कपूर
रैगिंग के बदले सीनियर चुकाते थे बिल
वह दौर रैगिंग वाला था। मैं लखनऊ विश्वविद्यालय का भी छात्र था। इसलिए यहां दाखिला लेने के दौरान रैगिंग से बचने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय भाग जाता था। उस समय सीनियर कई तरह से प्रणाम कराकर रैगिंग करते थे। इस रैगिंग के बदले रेस्टोरेंट का बिल सीनियर ही चुकाते थे।
- डॉ. जीके थपलियाल
अदब के साथ होती थी रैगिंग
उस समय अदब वाली रैगिंग हुआ करती थी। सिर नीचे करके चले, छोटे बाल, मुर्गा बनाना आम बात थी। सीनियर रैगिंग के साथ सेवा भाव सिखाते थे। आज उनकी सिखाई बातें काम आ रहीं हैं। मरीजों की सेवा के साथ ही आरएसएस से जुड़ गया। जनता ने हमें विधायक बना दिया।
-डॉ. अनिल गोयल
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्
केजीएमयू के ब्राउन हाॅल में 1975 बैच के विद्यार्थियों का मिलन समारोह हुआ। डाॅक्टरों ने बीते लम्