प्रो. सूर्यकांत।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रो. सूर्यकांत के मुताबिक बच्चा पैदा होते ही एलर्जी की चपेट में आने लगता है। प्रो. सूर्यकांत रविवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में हुए एलर्जी अपडेट कार्यक्रम में बोल रहे थे।
प्रो. सूर्यकांत ने कहा कि बच्चा जब जन्म लेता है तो सबसे पहले डायपर पहनता है और कुछ बच्चों को डायपर से एलर्जी हो जाती है। बढ़ते वायु प्रदूषण, मोबाइल, कंप्यूटर का स्क्रीन टाइम और फास्ट फूड के कारण बच्चों में एक नहीं कई प्रकार की एलर्जी पैदा हो रही हैं। बदलती जीवनशैली भी बच्चों में एलर्जी बढ़ा रही है। हर तीसरे नाक की एलर्जी वाले बच्चे में एक उम्र के बाद अस्थमा हो जाता है, जिसमें बच्चे की सांस फूलने लगती है, सीने में जकडन होती है। इस माैके पर डॉ. मधुसूदन अग्निहोत्री, इंडियन कॉलेज ऑफ एलर्जी एवं अस्थमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुरेश कूलवाल और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वीके जैन माैजूद रहे।