लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर काकोरी रेवरी टोल प्लाजा के पास रविवार सुबह एसी स्लीपर बस में लगी आग की
लखनऊ। आगरा एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह जो एसी स्लीपर बस हादसे का शिकार हुई, वह नई थी। उसकी फिटनेस भी पूरी थी। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आ रही है। बस में इस्तेमाल कलपुर्जों की गुणवत्ता को लेकर निर्माता कंपनी पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि निर्माता कंपनी से पूछताछ व कार्रवाई का अधिकार न तो परिवहन विभाग के पास है, न ही प्रदेश सरकार के पास।
दिल्ली से गोंडा जा रही बस संख्या बीआर 28 पी 6333 बिहार के गोपालगंज में श्यामलाल गोला के नाम से पंजीकृत है। बस गत वर्ष 21 फरवरी को पंजीकृत हुई थी। बस के परमिट की मियाद 27 फरवरी, 2029 तक है। इंश्योरेंस व अन्य दस्तावेज भी पूरे हैं। नई बस में दो वर्ष तक फिटनेस मान्य रहता है। वीई कॉमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड ने बस का निर्माण किया है।
रविवार सुबह पौने पांच बजे आगरा एक्सप्रेसवे पर काकोरी रेवरी टोल प्लाजा के पास बस हादसे का शिकार हो गई। मामले की जानकारी होने पर यात्री कर अधिकारी (पीटीओ) मनोज भारद्वाज मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शॉर्ट सर्किट से बस के पहिए में आग लगी। अब चूंकि बस नई है। इसलिए फिटनेस पर सवाल नहीं उठते। लेकिन बस के कलपुर्जों व उपकरणों के डिफेक्ट व शॉर्ट सर्किट को लेकर गड़बड़ी होना निर्माता कंपनी की खामियों को उजागर करता है।