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Lucknow News: बच्ची के सिर में धंसी गोली बार-बार बदल रही थी जगह

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लखनऊ। केजीएमयू के डॉक्टरों ने दुर्लभ सर्जरी करके तीन साल की बच्ची की जान बचाने में कामयाबी पाई है। इंदिरानगर के गाजीपुर इलाका निवासी बच्ची के सिर में धंसी गोली बार-बार जगह बदल रही थी।
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न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. अंकुर बजाज ने बताया कि 16 दिसंबर की शाम लक्ष्मी के माथे के बाएं तरफ लगी गोली धंस गई थी। हादसे के करीब साढ़े चार घंटे बाद अस्पताल में किए सीटी स्कैन में गोली मस्तिष्क के बाएं हिस्से में मिली। चोट लगने के 20 घंटे बाद केजीएमयू में दोबारा सीटी स्कैन किया तो गोली मस्तिष्क के गहरे बेसल क्षेत्र की ओर खिसक चुकी थी।
डॉ. अंकुर ने बताया कि यह स्थिति अत्यंत गंभीर थी, क्योंकि गोली लगातार स्थान बदल रही थी। इससे मस्तिष्क की अहम रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता था। इस आशंका को देखते हुए सर्जरी से पहले सीटी एंजियोग्राफी कराई गई। बाद की जांच में सामने आया कि गोली फिर खिसककर सिर के भीतर दूसरे क्षेत्र में पहुंच चुकी है। यह अत्यंत दुर्लभ मामला है।
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डॉ. अंकुर ने बताया कि सर्जरी के बाद बच्ची को पीडियाट्रिक आईसीयू में रखा गया। पांच दिन तक बच्ची वेंटीलेटर पर रही। फिर उसे कई दिन आईसीयू में रखा गया। गोली लगने से बच्ची के एक पैर व हाथ ने काम करना बंद कर दिया था। इलाज के बाद हाथ-पैर ने काम करना शुरू कर दिया है।
इसलिए दुर्लभ था मामला

केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. बीके ओझा ने बताया कि आमतौर पर गोली शरीर के किसी भी अंग में लगने के बाद वह धंस जाती है। गोली का किसी तरह का मूवमेंट नहीं होता है। बच्ची के तीन सीटी स्कैन कराए गए थे। तीनों जांच में गोली अलग-अलग सतह पर मिली। इसका कारण यह भी हो सकता है दिल के संग दिमाग भी धड़कता है। मस्तिष्क के अंदर की त्वचा मुलायम होती है जबकि बुलेट ठोस होती है। ऐसे में सिर की हरकत संग गोली अपनी जगह बदल रही थी। बताया वर्ष 2004 में इस तरह का मामला विभाग में आया था। इसके बाद से अभी तक गन फायर का इस तरह का मामला सामने नहीं आया।
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