बख्शी का तालाब। इटौंजा बेलवा गांव के सामने शनिवार को रेलवे ट्रैक पर मिला शव 80 वर्षीय बाबूलाल का था। सोमवार को उनके बेटे सुनील ने कपड़ों और एक टेढ़ी अंगुली से शव की शिनाख्त की। बाबूलाल पिछले तीन दिन से लापता थे। वह माधौपुर गांव के रहने वाले थे।
प्रभारी निरीक्षक इटौंजा मार्कंडेय यादव ने बताया कि शनिवार की रात लगभग साढ़े नौ बजे बेलवा गांव के सामने ट्रेन की पटरी पर अज्ञात शव मिला था। परिजनों ने गुमशुदगी नहीं दर्ज कराई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसान बाबूलाल ने अपनी जमीन का आधा हिस्सा किसी को तीन साल पहले एग्रीमेंट किया था। इसके बाद एग्रीमेंट करवाने वाले ने लगभग पांच बीघा जमीन को आवासीय करवा दिया। जमीन की अब रजिस्ट्री होने वाली थी, लेकिन किसान बाबूलाल बेचने में आनाकानी कर रहे थे। इस पर उनके बेटे सुनील और बहू से कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद बाबूलाल ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
उधर, सुनील ने पिता को खोजने का प्रयास तो किया, लेकिन इटौंजा थाने पर शिकायत नहीं की। इंस्पेक्टर ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर मिले शव को 72 घंटे का समय पूरा होने वाला था। कपड़ों की फोटो जब आसपास के गांव में भेजकर शिनाख्त का प्रयास किया गया तब सुनील ने पोस्टमॉर्टम हाउस जाकर शव की शिनाख्त की। सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव सुनील के हवाले कर दिया गया। इस मामले में किसी ने कोई आरोप नहीं लगाया है।