लखनऊ। इंदिरानगर के पानी गांव निवासी पोताई कारीगर समीर रावत (32) और मुंशी पुलिया सेक्टर डी-1 निवासी वंदना लोधी (45) के शव घर में फंदे से लटके मिले। वंदन का शव दो दिन पुराना हो चुका था।
समीर के भाई बड़े भाई ब्रज किशोर के मुताबिक समीर की पत्नी मंजू चार दिन पहले गोमतीनगर स्थित मायके चली गई थीं। इस वजह से समीर कुछ परेशान थे। शनिवार सुबह काम के लिए एक युवक समीर को बुलाने उनके घर पहुंचा। उसने काफी आवाज लगाई पर कोई जवाब नहीं मिला। युवक ने ब्रज किशोर को इस बारे में बताया। वह जब समीर के घर पहुंचे तो उनका शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका देखा। इंस्पेक्टर इंदिरानगर सुनील कुमार का कहना है कि समीर ने आत्महत्या की है।
इसके अलावा वंदना लोधी (45) अकेले रहती थीं। पति राम सागर की मौत के बाद दूसरे के घरों में घरेलू काम करती थीं। उनका बड़ा बेटा अर्जुन चेन्नई में नौकरी करता है। वहीं, छोटा बेटा अमन चोरी के आरोप में जेल में बंद है। कुछ समय से वह काम पर नहीं जा रही थीं। देवर छोटू ने बताया कि दो दिन से वंदना घर के बाहर नहीं दिखाई दीं। शनिवार सुबह जब घर पहुंचा तो दरवाजा खुला हुआ था। अंदर कमरे में जाकर देखा तो वंदना का शव पंखे से नाइलॉन की रस्सी के सहारे लटक रहा था। देवर छोटू ने बताया कि बेटे के जेल जाने के बाद से वंदना काफी परेशान थीं। इंस्पेक्टर इंदिरानगर का कहना है कि जांच में पता चला है कि वंदना ने आत्महत्या की है। परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है।