दीप प्रज्ज्वलन करते राज्य मंत्री असीम अरुण और विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह। स्रोत ः संस्थान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में मंगलवार को आयोजित ‘’नवारंभ 2026-27’’ कार्यक्रम के दौरान नए छात्र-छात्राओं का स्वागत किया गया। इस अवसर पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने दिवंगत पिता आरपी सिंह की स्मृति में संस्थान के सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी को प्रतिवर्ष एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।कार्यक्रम का शुभारंभ समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री असीम अरुण और विधायक राजेश्वर सिंह ने किया। असीम अरुण ने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान का मूल आधार सटीकता है। उन्होंने विशेषज्ञों का आह्वान किया कि वे अपराधियों से हमेशा एक कदम आगे रहकर अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करें। राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य होने के बाद प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में इस क्षेत्र में युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।संस्थान के संस्थापक निदेशक जीके गोस्वामी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा अब आम जीवन का हिस्सा बन चुके हैं और फॉरेंसिक विज्ञान में इनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। प्रमुख सचिव एमके शन्मुगम सुंदरम ने फॉरेंसिक विज्ञान को भविष्य का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति अमर पाल सिंह ने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक हेमराज मीना सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।