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यूपी: "एसआईआर की लड़ाई अब दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टरों की गूंज के साथ लड़ी जाएगी"

Fri, 16 Oct 2026 01:53 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि एसआईआर के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने पहुंचे लोगों को हिरासत में लिया गया और बर्बरता की गई। जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनता और विपक्ष की आवाज से डर गई है।
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लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी चौधरी सुनील सिंह। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी चौधरी सुनील सिंह ने आज केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता में एसआईआर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, किसानों के आंदोलन और उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

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सुनील सिंह ने कहा कि एसआईआर के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने पहुंचे लोगों को हिरासत में लिया गया और बर्बरता की गई। जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनता और विपक्ष की आवाज से डर गई है।

उन्होंने कहा कि अब इस लड़ाई में किसान भी पीछे नहीं रहेगा। किसान दिल्ली की सड़कों पर ट्रैक्टरों के साथ पहुंचेगा और लोकतंत्र की इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाएगा।
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सुनील सिंह ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके द्वारा दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में घोषित 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम को लोकदल अपना समर्थन देता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से देश की एकता, संविधान और लोकतंत्र की आवाज बुलंद करने वाले हर कार्यक्रम के साथ लोकदल खड़ा रहेगा।

लोकदल अध्यक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि चुनाव होते ही उसकी जमीनी हकीकत सामने आ जाएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव कराने से बचना चाहती है। सरकार और उसके अधिकारी चुनाव टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन लोकदल ऐसा नहीं होने देगा।

उन्होंने कहा कि लोकदल सुप्रीम कोर्ट में भी मजबूती से यह पक्ष रखेगा कि पंचायत चुनाव किसी भी कीमत पर टाले नहीं जाने चाहिए। पंचायत चुनाव लोकतंत्र की सबसे निचली और महत्वपूर्ण इकाई हैं। इन्हें राजनीतिक स्वार्थ के लिए रोकना गांव की जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ होगा।

अगर सरकार को अपनी लोकप्रियता और जमीनी पकड़ पर भरोसा है तो पंचायत चुनाव कराने से डर क्यों रही है? चुनाव टालने की कोशिश यह साबित करती है कि सरकार अपनी जमीनी स्थिति से घबराई हुई है।

सुनील सिंह ने कहा कि किसान, युवा, मजदूर और गांव की जनता अब चुप बैठने वाली नहीं है। SIR से लेकर पंचायत चुनाव तक लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की हर लड़ाई लोकदल INDIA गठबंधन के साथ मिलकर सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मजबूती से लड़ेगा।

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