राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत का अनूठा संगम देखने काे मिला। प्रख्यात ओडिसी नृत्यांगना गुरु कुंजलता मिश्रा ने अपनी कला से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति का मुख्य आकर्षण राग मालिका और राग तालिका पर आधारित नृत्य रहा।
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भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से क्षितिज श्रृखंला के अंतर्गत वाल्मीकि रंगशाला में हुए इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में कलाप्रेमी पहुंचे। इस अवसर पर ओडिसी नृत्यांगना गुरु कुंजलता मिश्रा ने राग मालिका, राग भैरवी और राग बैरागी में शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
राधा-कृष्ण का प्रसंग दर्शाया गया
कार्यक्रम के आरंभ में कुंजलता ने आदि शंकराचार्य के दिव्य स्त्रोत जगन्नाथ अष्टम पर नृत्य किया। इसके बाद नृत्य से ही राग बैरागी पर आधारित राधा-कृष्ण का प्रसंग दर्शाया। इसे देख दर्शक भावविभोर हो गए। इसके अलावा राग भैरवी में शिवाष्टकम की भी प्रस्तुति दी। ओडिसी नृत्य के अद्भुत प्रदर्शन पर सभागार तालियों से गूंज उठा। मंच संचालन अदिति थपलियाल ने किया।