तीन घंटे में 25 बार कॉल करने के बाद पहुंची एंबुलेंस।
लखनऊ। सड़क हादसे में घायल युवक को समय से सरकारी एंबुलेंस नहीं मिली। जख्मी युवक हाईवे किनारे पड़ा तड़पता रहा। मौके पर पहुंची पुलिस उसे अपने वाहन से अस्पताल लेकर गई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार देकर केजीएमयू के ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया गया। इसके बाद फिर 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस की मांग की गई। परिजनों के मुताबिक, तीन घंटे में 25 बार से अधिक कॉल करने के बाद एंबुलेंस अस्पताल पहुंची।
बाराबंकी के जिंदरपुर, थाना घुंघटेर निवासी संजय सिंह ने बताया कि लखनऊ-सीतापुर हाईवे स्थित पेट्रोल पंप के पास वह अपना ई रिक्शा बनवा रहे थे। करीब पौने 12 बजे वह हाईवे पारकर पान मसाला की दुकान पर कुछ सामान खरीदने गए चले गए। लौटते समय अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में उनका एक पैर व एक हाथ टूट गया। कई अन्य जगहों पर भी चोट आई।
आसपास के लोगों ने उन्हें हाईवे किनारे लिटाया और 108 कंट्रोल रूम पर फोन कर एंबुलेंस के लिए मदद मांगी, लेकिन कई बार फोन करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने भी एंबुलेंस के लिए फोन किया, मगर काफी देर तक जब एंबुलेंस नहीं आई तो पुलिस अपने वाहन से ही संजय को साढ़ामऊ स्थित राम सागर मिश्र अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया।
स्थानीय निवासी कृष्ण कुमार के मुताबिक, उन्होंने व डॉक्टरों ने भी करीब 25 से भी अधिक बार कॉल कर एंबुलेंस की मांग की। करीब तीन घंटे बाद 102 नंबर की एंबुलेंस से दर्द से तड़प रहे मरीज को ट्राॅमा सेंटर ले जाया गया।
अस्पताल के पास दो एंबुलेंस, फिर भी नहीं दी
राम सागर मिश्र हॉस्पिटल के पास भी दो एंबुलेंस हैं, जिनका उपयोग मरीज को रेफर के लिए किया जाता है, लेकिन संजय को यह एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। इस पर सीएमएस का कहना है कि इस मामले में एमरजेंसी स्टाफ से जवाब मांगा जाएगा।
तीन घंटे में 25 बार कॉल करने के बाद पहुंची एंबुलेंस।