कैब चालक योगेश कुमार पाल की फोटो।
लखनऊ। पारा के बुद्धेश्वर बादलखेड़ा निवासी कैब चालक योगेश कुमार पाल (29) की कार लूट के दौरान हत्या के मामले में उनके एक परिचित विकास और हरदोई निवासी भागे हुए बदमाश गुरु सेवक की तलाश में पुलिस लगी है। विकास ने ही योगेश की गाड़ी बुक कर अजय व गुरु सेवक को सीतापुर भेजा था। सीतापुर में दोनों ने योगेश की बेरहमी से हत्या कर उनकी कार लूट ली थी। इस मामले में शुक्रवार मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश हरदोई पिहानी नेवढि़या निवासी अजय सिंह को शनिवार पुलिस ने जेल भेज दिया।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक मुठभेड़ में घायल बदमाश अजय सिंह ने पूछताछ में बताया आरोपी विकास का परिचय योगेश से पहले से था। उसने ओर गुरुसेवक ने विकास के साथ मिलकर योगेश की कार लूट की साजिश रची। 27 और 28 सितंबर को विकास ने योगेश को फोन कर 29 सितंबर को सीतापुर चलने के लिए कहा। 29 सितंबर की शाम योगेश घर से सीतापुर जाने की बात कहकर निकले। बुद्धेश्वर चौराहे के पास विकास, अजय और गुरु सेवक मिले। 3200 रुपये में सीतापुर का किराया तय हुआ। सभी कार में बैठ गए। दुबग्गा के पास विकास उतर गया और आरोपी अजय व गुरु सेवक सीतापुर चले गए।
सीतापुर में पेशाब करने के बहाने रुकवाई कार
डीसीपी ने बताया कि रात करीब साढ़े दस बजे आरोपी अजय व गुरु सेवक योगेश की कार से सीतापुर पहुंचे। आगे की सीट पर अजय बैठा था और पीछे गुरु सेवक। एक सुनसान जगह पर दोनों ने पेशाब करने के बहाने कार रुकवाई । पेशाब करने के बाद दोनों अपनी-अपनी सीट पर बैठे और पीछे से गुरु सेवक ने प्लास्टिक टेप चालक योगेश के पूरे चेहरे पर लपेट दिया और सिर पर डंडे से वार कर दिया। दम घुटने से चालक योगेश की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने कुछ दूर पर उनके शव को फेंक दिया और गाड़ी लूट ले गए।
भागे हुए बदमाश गुरु सेवक पर इनाम घोषित करने की तैयारी
डीसीपी ने बताया कि भागा हुआ आरोपी गुरु सेवक हरदोई के पिहानी का रहने वाला है और बेहद ही शातिर है। 29 सितंबर की रात कैब चालक योगेश की हत्या के बाद उसने साथी अजय के साथ मिलकर शाहजहांपुर के रोजा इलाके में ट्रेवलर चालक अश्वनी की हत्या कर उनकी गाड़ी लूट ली थी। डीसीपी ने बताया कि भागे हुए विकास और गुरु सेवक की तलाश में पुलिस लगी है। जल्द गुरु सेवक की गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया जाएगा।