नवाबगंज के माझा राठ गांव के रहने वाले लाइनमैन देव नरायन उर्फ देवा के शव का पोस्टमार्टम चार डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान पूरे समय वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि देवा के शव का पोस्टमार्टम फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. कुलदीप पांडेय के नेतृत्व में डॉ. अमित त्रिपाठी, डॉ. आशुतोष शुक्ला व डॉ. आफताब आलम के पैनल से कराया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान पूरे समय वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में देवा की मौत दिल का दौरा (कार्डियोजेनिक शॉक) पड़ने से हुई है।
पुलिस कस्टडी में पिटाई से हुई संविदा बिजली कर्मी की मौत के बाद कर्मचारियों व क्षेत्रीय लोगों का आक्रोश भड़क उठा। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव नवाबगंज पहुंचते ही उग्र लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तोड़फोड़ के साथ पथराव शुरू कर दिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों को भी पीटा। पथराव की चपेट में आकर प्रभारी निरीक्षक कौड़िया समेत एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि यातायात निरीक्षक व प्रभारी निरीक्षक कौड़िया के समेत आठ लोगों के वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। प्रदर्शनकारियों ने एक एंबुलेंस को भी पलट दिया। उग्र प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही नाराज बिजली कर्मियों ने पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई भी मुख्य सप्लाई केबल काट कर ठप कर दी।
सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे एवं सपा नेता सूरज सिंह की अगुवाई में रास्ता जाम कर रहे उग्र प्रदर्शनकारियों के कारण पूरे इलाके में तीन घंटे तक अफरा तफरी का माहौल रहा। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पहुंचे डीएम डॉ. उज्जवल कुमार व एसपी आकाश तोमर ने बमुश्किल नाराज लोगों को आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाकर जाम व प्रदर्शन खत्म कराया। पुलिस हिरासत में हुई संविदा लाइन मैन की मौत का मामला बुधवार का है। परिजनों व साथी कर्मियों का सीधा आरोप था कि लाइन मैन की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है। पुलिस ने झोलाछाप डाक्टर की हुई हत्या के मामले में बुधवार को सीडीआर में मिले माझा राठ गांव के रहने वाले देव नरायन यादव उर्फ देवा को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
देव नरायन संविदा के तहत आउट सोर्सिंग कर्मी के बतौर विद्युत उपकेंद्र में लाइनमैन के पद पर तैनात था। पुलिस के बुलाने पर पिता राम बचन यादव देवा को पूछताछ के लिए थाने लेकर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि वहां एसओजी के संग प्रभारी निरीक्षक देवा को थाना परिसर में पीछे बने एक कमरे में बुलाकर पूछतांछ के नाम पर उससे मारपीट की। एक घंटे के बाद प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उसका बेटा बेहोश हो गया है। उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। इसके कुछ देर बाद एंबुलेंस से उसके बेटे का शव लाया गया। गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में देवा के शव का पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट निगरानी में तीन डॉक्टरों की पैनल टीम ने किया। इस मामले में मृतक देवा के पिता रामबचन यादव की तहरीर पर थाना नवाबगंज में प्रभारी निरीक्षक तेज प्रताप सिंह समेत चार पुलिस कर्मियों व पुलिस टीम में शामिल कुछ अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया गया है।
देवा की मौत से गुस्साए साथी बिजली कर्मियों ने नवाबगंज में सुबह से ही मुख्य सप्लाई लाइन का केबल काट कर बिजली सप्लाई ठप कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसकी जानकारी के बाद सपा के पूूर्व विधायक बैजनाथ दूबे व सपा नेता सूरज सिंह भी मौके पर पहुंच कर धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों की अगुवाई करने लगे। रास्ता जाम व प्रदर्शन के दौरान ही मृतक का शव नवाबगंज पहुंचा। शव को देखते ही रास्ता जाम कर प्रदर्शन कर रहे लोग उग्र हो उठे और उन्होंने मौजूद पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और आधा दर्जन से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ कर एक एंबुलेंस को पलट दिया। प्रदर्शनकारी आरोपी प्रभारी निरीक्षक तेज प्रताप सिंह व एसओजी प्रभारी अमित यादव के गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। मौके पर स्थिति को संभालने के लिए पहुंचे डीएम व एसपी ने बताया कि इस मामले में प्रभारी निरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच कराई जा रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बाद ही तीन घंटे से चल रहे उग्र प्रदर्शन व जाम खत्म करने पर प्रदर्शनकारी माने।
लाल का शव देखते बेसुध हुई मां
माझा राठ के देव नरायन उर्फ देवा का शव नवाबगंज पहुंचा तो अपने लाल को कफन में लिपटा देख मां लीलावती बेसुध हो गई। वह शव देखते ही एक चीत्कार के बाद बेेेहोश हो गई। तबियत बिगड़ती देख उन्हें अस्पताल ले जाकर डॉक्टरों को दिखाना पड़ा।
पुलिस कस्टडी में हुई बिजली कर्मी की मौत के बाद गुरुवार को हुए उग्र प्रदर्शन, तोड़फोड़ व पुलिस कर्मियों को पीटने के मामले में पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल दो सौ लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है। इसमें बिजली विभाग में कार्यरत कई संविदा कर्मी भी शामिल हैं। इनकी पहचान पुलिस घटना स्थल के समीप स्थित पेट्रोलपंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से करेगी।
इस मामले में थाना नवाबगंज में कोतवाली करनैलगंज के निरीक्षक सुनील कुमार ने पावर कॉरपोरेशन के संविदा कर्मियों समेत माझा राठ व आस-पास के गांवों के 200 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, सरकारी कर्मचारी पर हमला व सरकारी काम में बाधा डालने समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि पेट्रोलपंप पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। इसकी फुटेज के आधार पर ही अराजकता का माहौल बनाने वालों को चिह्नित कर उनकी गिरफ्तारी होगी।
दूसरी तरफ इस घटना को लेकर ग्राम प्रधानों में भी गहरा रोष है। मृतक देवा विकासखंड नवाबगंज के दुर्गागंज माझा गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राधेश्याम यादव माझा राठ गांव का रिश्तेदार भी है। नवाबगंज पुलिस ने देवा को प्रधान प्रतिनिधि के माध्यम से ही थाने बुलाया था। जहां पूछताछ के दौरान पुलिस कस्टडी में हुई पिटाई के कारण उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अब ग्राम प्रधानों व उनके प्रतिनिधियों को पुलिस से भरोसा टूटेगा।