दरअसल, टीईटी 2017 के 14 प्रश्नों को विवादित बताते हुए 316 अभ्यर्थियों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नवंबर में टीईटी परिणाम को याचिका के निर्णय के अधीन रखा था। अब ताजा निर्णय का असर प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों पर पडे़गा।
अभ्यर्थियों की याचिका में 14 विवादित प्रश्नों के उत्तरों को सही करते हुए नई उत्तर कुंजी जारी करवाने और ग्रेस अंक देने की मांग की गई थी। याची अभ्यर्थी 15 अक्तूबर, 2017 को आयोजित हुई इस परीक्षा में प्राथमिक स्तर के लिए शामिल हुए थे। परीक्षा सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद द्वारा करवाई गई थी। 18 अक्तूबर को उत्तर-कुंजी जारी करके इन पर आपत्तियां मांगीं थीं। याचिकाकर्ताओं ने 17 नवंबर को आपत्ति दर्ज करवाई।
1. जिन 14 सवालों पर आपत्ति थी उन्हें डिलीट किया जाए।
2. फाइनल करार दी गई उत्तर-कुंजी खारिज मानी जाएगी।
3. नई मैरिट बनाई जाए।
4. यह सभी प्रक्रिया एक माह में पूरी करें।
5. 2018 के लिए होने जा ही प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा (68,500 भर्तियां) 12 मार्च को प्रस्तावित हैं, इसे टीईटी की प्रक्रिया पूरी होने तक टाला जाए।