जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल ने सरहद पार जाकर लश्कर के कैंप में हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी और एक रिटायर्ड अफसर की बेटी से शादी करने के लिए मुसलमान बना था।
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यही नहीं उसने बताया कि पिछले महीने सेना पर हमले समेत कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। संदीप ने पैसे के लिए अनंतनाग और पुलगाम में ड्राइविंग भी की। इस दौरान वह लश्कर के आतंकियों के संपर्क में आया था।
एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि संदीप और उसके परिजनों से मिली जानकारी की कड़ी से कड़ी मिलाई जा रही है। उसके कुछ और साथियों के बारे में भी पता चला है। उनकी पड़ताल की जा रही है।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली में पॉवर ग्रिड का ठेके पर काम करने वाले ठेकेदार वकील ने मुजफ्फरनगर और उसके आसपास से चार युवकों को अपने साथ लिया था। इसमें आसिफ और योगेश भी शामिल था। संदीप, आसिफ और योगेश तीनों पहले दिल्ली और फिर कश्मीर काम करने गये थे। काम पूरा होने पर आसिफ और योगेश वापस लौट आए लेकिन संदीप वहां एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर की बेटी से इश्क लड़ा बैठा और मुजफ्फरनगर नहीं लौटा।
संदीप ने लड़की के सामने शादी का प्रस्ताव रखा तो लड़की के घर वालों ने उसे पहले इस्लाम धर्म कुबूल करने को कहा। एक मस्जिद में कुछ मौलवियों की मौजूदगी में उसने इस्लाम धर्म कुबूल कर लिया।
गाड़ी चलाने के दौरान हुआ आतंकियों से संपर्क
- फोटो : SELF
एडीजी ने बताया कि धीरे-धीरे संदीप की पैसों की जरूरत बढ़ती गई। कुछ दिन के लिए उसने ड्राइविंग भी की, जिसके बदले उसे 300 से 400 रुपये प्रतिदिन मिलते थे। इसी दौरान वह लश्कर के आतंकी शकूर के संपर्क में आया।
शकूर ने संदीप को एटीएम लूट के लिए तैयार किया और एक के बाद एक कई घटनाओं को अंजाम दिया। संदीप के हुनर से प्रभावित होकर शकूर ने लश्कर के कमांडर बशीर लश्करी से उसकी मुलाकात कराई।
कुछ और लोगों को लश्कर से जोड़ने की कोशिश में था संदीप
वहीं, लश्कर में शामिल होने के बाद संदीप के इरादे खौफनाक हो गए थे। उसने आसपास के जिलों के कुछ नौजवानों को लश्कर से जोड़ने की तैयारी की थी। उसने अपने फुफेरे भाई अश्वनी को फोन कर कुछ युवकों को कश्मीर भेजने के लिए कहा था।
हालांकि उसने यह नहीं बताया कि युवकों को काम क्या करना है। संदीप अश्वनी के साथ ही काम करने के लिए कश्मीर गया था, उन्हें ले जाने वाले दिल्ली के ठेकेदार की तलाश भी की जा रही है।
पूछताछ में खुले कई अहम राज
जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए आतंकी संदीप शर्मा की जड़ों को खंगालने में कई जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। संदीप के भाई प्रवीण शर्मा ने पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां दी है। उसने पुलिस को बताया कि संदीप को उनका फुफेरा भाई मोरना निवासी अश्वनी उर्फ सोनू कश्मीर लेकर गया था।
पुलिस और एटीएस ने अश्वनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में अश्वनी ने कई अहम राज खोले। अश्वनी संदीप के काफी नजदीक रहा। अश्वनी पहले मुंबई में वेल्डर था। पढ़ाई में मन नहीं लगने पर संदीप अश्वनी के पास मुंबई चला गया। करीब तीन माह उसने मुंबई के चिरागनगर के निर्माणाधीन ज्यूपिटर हॉस्पिटल में वेल्डिंग का काम सीखा।
बाद में दोनों की मुलाकात दिल्ली के खजूरी खास इलाके के ठेकेदार वकील अहमद से हुई। वकील अहमद का कश्मीर के बारामूला जिले में पावरग्रिड पर काम चल रहा था। संदीप, अश्वनी, आसिफ, रोहताश के साथ ही मेरठ के सरधना के महादो गांव का सोनू भी इनके साथ काम करने बारामूला गया था। अश्वनी चूंकि शादीशुदा था, वह अपनी बीवी को भी साथ ले गया था। अश्वनी ने अलग कमरा लिया, जबकि बाकी एक ही कमरे में रहने लगे।
हिंदू होने का फायदा उठाता रहा संदीप
अनंतनाग से गिरफ्तार आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल ने हिंदू होने काफी फायदा उठाया। एडीजी ने बताया कि वह लश्कर के आतंकी के रूप में काम करने लगा और उसने एक के बाद एक कई घटनाओं को अंजाम दिया। एक दो बार उस पर संदेह भी हुआ तो वह संदीप शर्मा के नाम की आईडी दिखाकर छूट जाता था। उसकी इस पहचान का फायदा लश्कर के अन्य आतंकी भी उठाते थे।
जून में किए तीन बड़े हमले
संदीप को आधुनिक असलहे चलाने की ट्रेनिंग बशीर लश्करी ने सरहद पार लश्कर के कैंप में ले जाकर दिलाई। एडीजी ने बताया कि संदीप ने पूछताछ में बताया कि उसने जून में तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है। उसने तीन जून को काजीकुंड में सेना पर हमला किया, 13 जून को अनंतनाग से जस्टिस निवास गार्ड पोस्ट से हथियार लूटे और 16 जून को अच्छाबल में पुलिस पार्टी पर हुए हमले में गाड़ी चलाने और पुलिस टीम पर फायरिंग की बात कुबूल की है।
लश्करी के साथ मुठभेड़ में पुलिस पर की थी फायरिंग
पिछले दिनों पुलिस और लश्कर के आतंकी बशीर लश्करी के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई थी, जिसमें लश्करी और उसका एक अन्य साथी मारा गया था। एडीजी कानून व्यवस्था का कहना है कि इस घटना में संदीप ने भी पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार करने में पुलिस ने कामयाबी हासिल की थी।
एडीजी ने बताया कि संदीप के घरवालों को उसके धर्म परिवर्तन के बारे में कुछ दिन पहले जानकारी हो गई थी। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष मार्च में चोरी के एक मामले में संदीप पकड़ा गया था।
पुलिस ने मुजफ्फरनगर स्थित संदीप के घरवालों से संपर्क किया था और जमानत कराने के लिए कहा था, लेकिन संदीप के घरवालों ने किसी तरह की मदद करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि मेरा संदीप से अब कोई संबंध नहीं है। हालांकि लगभग एक सप्ताह के अंदर ही संदीप की जमानत हो गई थी।