श्रावस्ती। तराई में बुधवार चौथे दिन भी घना कोहरा छाया रहा। इस बीच धूप न निकलने से सिर्फ इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी ठंड से बेहाल दिखे। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी व लगातार चल रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। सुबह-शाम पड़ने वाली ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने के लिए मजबूर कर दिया है।
माघ मास का प्रथम पखवाड़ा बीतने को है। तराई पूरी तरह से ठंड की चपेट में है। अचानक बढ़ी इस ठंड से बाजार भी गर्म हो गया है। लोग ठंड से निजात के लिए ऊनी कपड़े, जैकेट, स्वेटर, टोपी कंबल, शाॅल आदि की खरीदारी करने लगे हैं। भिनगा नगर के थोक कपड़ा व्यवसायी चुन्ना इद्रीशी बताते हैं कि विगत तीन दिनों से ऊनी कपड़ों की मांग कई गुना बढ़ गई है। वहीं ठेले पर टोपी मफलर मोजा बेचने वाले दुकानदार रहमान ने बताया कि इस मौसम में जितनी ठंड विगत चार दिनों से पड़ रही है। उतनी इस वर्ष पूस में भी नहीं पड़ी। माघ की बदरी व कोहरे ने रोजगार के चार चांद लग दिया है।
लकड़ी व कोयले की बढ़ी मांग
तराई में अचानक बढ़ी ठंड से बचने के लिए लोगों को आंच का ही सहारा है। ऐसे में लोग लकड़ी व कोयले की खरीदारी में जुट गए हैं। लकड़ियों की बढ़ी मांग को देखते हुए जंगल में कुल्हाड़ी की चोट तेज हो गई है। दिन में एक बार साइकिल से लाकर जलौनी बेचने वाले लकड़हारे अब दो से तीन बार लकड़ी लाकर बेच रहे हैं जो सामान्य दिनों की मुकाबले दोगुना पैसा वसूल रहे हैं। वहीं, भिनगा के कुछ मोहल्लों में चोरी छिपे कोयला बना कर बेचने वालों ने भी कोयले का दाम बढ़ा दिया है।
सावधानी बरतें किसान
जिले में इस समय काफी ठंड पड़ रही है। ऐसे में खेतों में लगी सरसों व अरहर की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को चाहिए कि वह संभव हो तो खेत के किनारे धुंआ करें। गेहूं व मसूर के किसानों को इस मौसम का फायदा मिलेगा।
अनिल प्रसाद मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी
पशुओं को दें गुनगुना पानी
इस समय ठंड काफी अधिक पड़ रही है। ऐसे में मवेशियों को ऐसी जगह रखें जहां हवा का प्रवेश न हो। खिडक़ी व दरवाजे पर जूट का बोरा लटका दें। मवेशियों को दो से तीन बार गुनगुना पानी पिलाएं। साथ ही उसमें गुड़ या खड़िया मिट्टी मिला दें। खाने में हरे चारे का प्रयोग करें। मवेशियों को रखने के स्थान पर धुंआ कदापि न करें।
-डाॅ. मानव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी