रायबरेली। शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) का निर्माण शुरू न करने पर फर्म का टेंडर निरस्त कर दिया गया है। यही नहीं दो अन्य निर्माणाधीन एमआरएफ सेंटरों के निर्माण में भी अनियमितता बरती जा रही है। इस पर भी अधिकारियों ने नाराजगी जताई है।
शहर क्षेत्र में पांच एमआरएफ सेंटर बनाए जाने हैं। एक सेंटर पर 33 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। जैतूपुर में सेंटर का संचालन शुरू करा दिया गया है। देवानंदपुर, आजाद नगर में एमआरएफ सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है। इनके निर्माण कार्यों में ढिलाई बरती जा रही है। कार्य भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं हो रहा है।
महानंदपुर में एमआरएफ सेंटर भी बनाया जाना था। इसके निर्माण कार्य की जिम्मेदारी फर्म मां दुर्गा कंस्ट्रक्शन को मिला था। छह माह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। इस पर फर्म का टेंडर निरस्त कर दिया गया।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि महानंदपुर में एमआरएफ सेंटर का निर्माण कार्य शुरू न करने पर फर्म का टेंडर निरस्त कर दिया गया है। अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया कराई जाएगी। देवानंदपुर, आजाद नगर में निर्माणाधीन सेंटरों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इन दोनों सेंटरों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता चेक कराई जाएगी। एक सेंटर के निर्माण के लिए जमीन की तलाश की जा रही है।
गीले-सूखे कूड़े का कराया जाएगा निस्तारण : पालिकाध्यक्ष
पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर ने बताया कि एमआरएफ सेंटरों में घरों से निकलने वाले गीले-सूखे कूड़े का निस्तारण कर पालिका द्वारा खाद तैयार की जाएगी। शहर में प्रतिदिन 70 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। एक सेंटर के निर्माण पर 33 लाख रुपये का खर्च आएगा। महानंदपुर में एमआरएफ सेंटर का निर्माण कार्य न शुरू करने पर फर्म का टेंडर निरस्त करा दिया गया है।