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यूपी: सीएम ने तैयार कराया ब्लू प्रिंट, फिर चलेंगी चीनी निगम की बंद पड़ीं 10 मिलें

Sat, 10 Jun 2017 02:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य चीनी निगम की बंद पड़ीं सभी 10 चीनी मिलों को पांच साल में फिर से संचालित करने का ब्ल्यू प्रिंट तैयार कराया है। शुक्रवार को गन्ना विकास व चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने चीनी निगम की एक-एक मिल की सघन समीक्षा की।
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उन्होंने कहा कि मुंडेरवा और पिपराइच को फिर से प्रारंभ करने का फैसला लेकर निगम को पुनर्जीवित करने की शुरुआत हो चुकी है। तीन मिलों को निजी निवेशकों को लंबी लीज पर देकर संचालित किया जाएगा।

गन्ना किसान संस्थान के सभागार में सुरेश राणा ने निगम के एमडी व बंद पड़ी चीनी मिलों के अफसरों के साथ लगभग एक घंटे समीक्षा की। निगम की 10 संचालित और 11 बंद मिलों को मायावती सरकार में बेच दिया गया था। शेष 10 मिलें बंद पड़ी हैं।
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इनमें पिपराइच (गोरखपुर) और मुंडेरवा (बस्ती) को संचालित करने की घोषणा मुख्यमंत्री कर चुके हैं। दोनों में 3500 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली नई यूनिटें लगाने, कोजन और डिस्टलरी स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।

30 साल की लंबी लीज पर देंगे

- फोटो : amar ujala
गन्ना मंत्री ने कहा कि बुढ़वल (बाराबंकी), छाता (मथुरा) और नंदगंज (गाजीपुर) को इंटीग्रेटेड कॉप्लेक्स के रूप में विकसित करने के लिए निजी निवेशकों को 30 साल की लंबी लीज पर दिया जाएगा।

इसके लिए इच्छुक लोगों को 12 जून को गन्ना आयुक्त कार्यालय में बुलाया गया है। एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट के बाद टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा। कैबिनेट में इसका अनुमोदन कराकरनिविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।

राणा ने कहा कि आगामी वर्षों में बंद पड़ी महोली (सीतापुर), नवाबगंज (गोंडा), घाटमपुर (कानपुर), रामपुर और मलियाना (मेरठ) मिलों का भी  संचालन कराया जाएगा।

उन्होंने एक-एक मिल में गन्ने की संभावित उपलब्धता, मिल के क्षेत्रफल, जमीन पर कब्ज, विवाद की स्थिति, प्रस्तावित कार्ययोजना, अनुमानित व्यय व मिलें चलने से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार और लाभान्वित होने वाले किसानों को लेकर चर्चा की। बंद मिलों में मेरठ, घाटमपुर और रामपुर की भूमि पर कुछ विवाद हैं। सभी में नए प्लांट या इंटीग्रेटेड कॉप्लेक्स के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है।
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रामपुर में मिल की जमीन पर वक्फ का कब्जा

- फोटो : amar ujala
समीक्षा बैठक में पता चला कि रामपुर में चीनी निगम की भूमि पर वक्फ  ने कब्जा कर रखा है। इस जमीन की कीमत करीब 22 करोड़ रुपये है।

राणा ने निगम की भूमि को वक्फ के कब्जे से मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में रामपुर के डीएम से बात कर निगम की भूमि को कब्जा मुक्त करने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के लिए कहा।
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