दुकानों के अलावा अब 500 और 1000 के नोटों को लेने से मंदिर भी पीछे हटने लगे हैं। उनकी चिंता ये है कि लोग अगर चुपके से दे गये तो इन्हें कहां पहुंचाएंगे। सोमवार को हनुमान सेतु मंदिर में भी श्रद्धालुओं को संबोधित इस प्रकार के बैनर-पोस्टर टांग दिए गए।
जिनमें लिखा था कि अब ये नोट प्रचलन में बंद हो चुके हैं, अत: दानपात्र में ये नोट न डालें, क्योंकि मंदिर प्रबंधन की ओर से उनका प्रबंधन नहीं हो सकेगा। मंदिर के मुख्य पुजारी भगवान जी ने बताया कि अब जब ये करेंसी बंद ही हो चुकी है, हम उनका इंतजाम कैसे करेंगे।