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पहले शुरू होगा मंदिर निर्माण, अन्य निर्माण के लिए चलती रहेगी नक्शा पास कराने की प्रक्रिया

Fri, 28 Aug 2020 06:09 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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राम मंदिर का प्रस्तावित मॉडल - फोटो : अमर उजाला
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भूमि पूजन होने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब जल्द ही राममंदिर निर्माण का कार्य शुरू करने की तैयारी में है। ट्रस्ट ने यह निर्णय लिया है कि सबसे पहले राममंदिर का नक्शा पास कराया जाएगा, ताकि मंदिर निर्माण का काम शीघ्र प्रारंभ हो सके। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक पहले मंदिर का निर्माण शुरू होगा उसके बाद अन्य जो भी निर्माण करवाए जाएंगे उनके भी भवन के नक्शे पास करवा लिए जाएंगे।
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प्राधिकरण का पूरा शुल्क जमा कर व विधिक प्रक्रिया पूरी करके ही नक्शा पास करवाया जाएगा। ट्रस्ट का अनुमान है कि 2 करोड़ से ज्यादा विकास शुल्क प्राधिकरण में जमा करना पड़ेगा। बताया कि एनओसी हासिल करने की प्रक्रिया चल रही है। नजूल, फॉरेस्ट, उड्डयन, अग्निशमन कुल आठ या नौ विभाग की एनओसी नक्शे के साथ लगानी है। हम जल्द ही राममंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ करना चाहते हैं, लेकिन यह भी चाहते हैं कि सारे काम विधिक प्रक्रिया के साथ हों, ताकि भविष्य में कभी कोई दिक्कत न उत्पन्न हो। अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ.नीरज शुक्ल बताते हैं कि यदि ट्रस्ट ने सभी जरूरी कागजात व एनओसी के साथ नक्शे के लिए आवेदन किया तो तीन दिन के भीतर नक्शा पास हो सकता है। बताया कि अभी तक ट्रस्ट की ओर से कोई आवेदन नहीं किया गया है।

ऑनलाइन आवेदन कर सकता है ट्रस्ट
राममंदिर का नक्शा पास कराने के लिए ट्रस्ट ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। जिसके लिए ट्रस्ट व एलएंडटी ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात भी की है। ट्रस्ट ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सुरक्षा के लिहाज से अपनाना चाहता है क्योंकि ट्रस्ट की मंशा है राममंदिर व परिसर के मानचित्र को गुप्त ही रखा जाए।
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राममंदिर निर्माण की तकनीकी तैैयारी में जुटी एलएंडटी
उधर एलएंडटी कंपनी राममंदिर निर्माण की तकनीकी तैयारी में जुटी हुई है। इसके लिए उसकी बड़ी-बड़ी मशीनें भी अयोध्या पहुंचने लगी हैं। परिसर में फाउंडेशन निर्माण के लिए साफ-सफाई का काम भी तेज गति से चल रहा है। जिन भागों में मंदिर के प्रवेश द्वार व निकासी होगी उसके सामने भी चौड़ी गैलरी बनेगी। ऐसे में वहां भी जगह खाली करवाई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में फाउंडेशन के दो तरफ दो बड़े हाईड्रोलिक केरान लगाए जाएंगे जो रेल पटरियों के माध्यम से चलायमान होंगी। इनका प्रयोग बड़ेे-बड़ेे पत्थरों व पिलर को सेट करने में किया जाएगा।
 
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