देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस बदहाली का शिकार हो गई है। गंदे शौचालय, खराब दरवाजे, छतों से टपकता पानी...। अब यही तेजस की पहचान बनकर रह गए हैं। मच्छरों व गंदगी की शिकायतें भी आम हैं। शिकायतों के निस्तारण पर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 82501 तेजस एक्सप्रेस के चेयरकार कोच से यात्रा कर रहे पैसेंजर अवनीश राणा ने सोमवार को सोशल मीडिया पर शिकायतें दर्ज करवाई हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन की बोगियों में शौचालय गंदे पड़े रहते हैं। बासी खाना परोसा जा रहा है। बोगियों में गंदगी रहती हैं। नलों से पानी नहीं आता।
थर्ड एसी बोगी में पानी संकट की शिकायत
निशा ने शिकायत की है कि तेजस की छत से पानी टपकता रहा, शिकायत पर निस्तारण भी नहीं हुआ। गाड़ी संख्या 15018 गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे पैसेंजर ने चार्जिंग पॉइंट खराब होने व शौचालय गंदे होने की शिकायत की है। ट्रेन नंबर 04031 रक्सौल आनंद विहार स्पेशल की थर्ड एसी बोगी से सफर कर रहे यात्री मुकेश ने बोगी में पानी संकट की शिकायत की।
...इधर डबलडेकर समेत कई ट्रेनें घंटों लेट
ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों को परेशान कर रही है। गाड़ी संख्या 12584 डबलडेकर एक्सप्रेस एक घंटे तक आलमनगर आउटर पर खड़ी रही। 15744 फरक्का एक्सप्रेस सोमवार को दिलकुशा आउटर पर खड़ी रही। 15127 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस व 12876 नीलांचल एक्सप्रेस पांच घंटे तक लेट हुई। ट्रेन नंबर 22121 मुंबई लखनऊ एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस सोमवार को 12 घंटे की देरी से पहुंची।
सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया जाता है। रेलखंड पर मरम्मत कार्य के चलते ट्रेनें देरी की शिकार हो रही हैं। -पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे